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| फोटो-कैलाश नाथ शुक्ला और जेबा रिजवान |
श्रावस्ती लोकसभा में आने वाली विधानसभा की कुल पांच सीटें हैं, जिनमे से एक तुलसीपुर विधानसभा सीट है। साल 2012 में इस सीट का गठन हुआ।
2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी कैलाश नाथ शुक्ला इस सीट से चुनाव जीतें। 2012 में इस सीट से सपा के मशूद खान चुनाव जीते थे।
तुलसीपुर 2017 के चुनाव नतीजे
2017 में तुसलीपुर विधानसभा सीट से बीजेपी से कैलाश नाथ शुक्ला, कांग्रेस से जेबा रिजवान, सपा से अब्दुल मशूद खान और बसपा से कृष्ण कुमार उर्फ के के सचान चुनाव मैदान में थे।
बीजेपी की लहर में इस सीट पर बीजेपी शानदार जीत दर्ज करती है।
बीजेपी के कैलाश नाथ शुक्ला को 62,296 वोट मिले वहीं कांग्रेस की उम्मीदवार जेबा रिजवान को 46637 वोट मिले। बीजेपी उम्मीदवार ने इस सीट पर 18,659 मतों से जीत हासिल की।
तीसरे नंबर पर सपा प्रत्याशी मशूद खान को 36549 मत मिले और बसपा यहां चौथे नंबर पर रही बसपा से कृष्ण कुमार को 23272 वोट मिले।
तुलसीपुर 2022 के विधानसभा चुनाव
चुनाव के पहले तुलसीपुर की सियासत में बड़ा हलचल था क्योंकि 2022 में पूर्व सांसद रिजवान ज़हीर की बेटी जेबा रिजवान समाजवादी पार्टी से इस सीट पर मजबूत दावेदार थी। उनका टिकट लगभग पक्का माना जा रहा था।
4 जनवरी 2022 को फिरोज पप्पू हत्याकांड
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तुलसीपुर के सपा नेता फिरोज पप्पू की हत्या हो जाती है जिसके बाद इस हत्याकांड का खुलासा पुलिस 10 जनवरी को करती है।
बदल जाते हैं सियासी समीकरण
फिरोज पप्पू के हत्या के साजिश के आरोप में पुलिस जेबा रिजवान, पूर्व सांसद रिजवान ज़हीर और रमीज नेमत खान को गिरफ्तार कर लेती है।
जेबा रिजवान पर हत्या का आरोप लगने और जेल जाने के बाद सपा इस सपा अपने पुराने विधायक अब्दुल मशूद खान को चुनाव मैदान में उतारती है।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा था कि तुलसीपुर में कुछ परिस्थितियों के कारण हमें अपने पुराने प्रत्याशी को फिर से लड़ना पड़ रहा है। उनके इस बयान का सीधा मतलब जेबा रिजवान के जेल चले जाना से था।
खैर चुनाव होता हैं जेबा रिजवान जेल से ही चुनाव निर्दालीय उम्मीदवार के रूप में लड़ती हैं।
2022 में यहां बीजेपी प्रत्याशी कैलाश नाथ शुक्ला 2017 से भी ज्यादा ताकतवर हो जाते हैं। उन्हें इस बार 87032 वोट मिले और दूसरे नंबर पर जेबा रिजवान को 51251 वोट मिले, बीजेपी इस बार 35,781 मतों से लगातार दूसरी बार इस सीट पर जीत दर्ज करती है।
2027 के सियासी समीकरण
2027 के विधानसभा चुनाव के ठीक पहले पूर्व सांसद रिजवान, उनकी बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज नेमत खान को एमपी एमएलए कोर्ट ने फिरोज पप्पू केस में दोषमुक्त कर दिया है।
इस फैसले के बाद तुलसी पर सीट के सियासी समीकरण बदल सकते हैं। जेबा रिजवान समाजवादी पार्टी से टिकट की दावेदारी पेश करती हैं तो मौजूदा परिस्थिति में वह सपा से टिकट के सबसे मजबूत दावेदार होंगी।

