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बिस्कोहर का वो बदनाम टोला, जहाँ गुमटियों में चल रही दुकानों को बंद करा दिया गया


सिद्धार्थनगर:देह व्यापार के लिए मुंबई तक बिस्कोहर का एक टोला बदनाम है. बिस्कोहर अंग्रेजों के जमाने से ही देह व्यापार के लिए चर्चित है. एक तरह से यहां की प्रथा है कि लड़की पैदा हुई तो वह देह व्यापार में ही उतरेगी. शादी होने के बाद भी ये महिलाएं इस व्यापार में लिप्त रहती हैं.

बदनामी के इस दाग को मिटाने का लगातर प्रयास प्रशासन कर रहा है. साथ इसी टोले एक युवक ने भी देह व्यापार के खिलाफ अभियान छेड़ा हुआ है.

बिस्कोहर के इसी टोले में करीब आधा दर्जन से अधिक  गुमटिया में दुकान चल रहा था. जिसे पुलिस प्रशासन ने 15 दिसम्बर को बंद कर दिया है.

प्रशासन लगातर अभियान चलाकर इस दाग को मिटाने का पूरा प्रयास कर रहा है. प्रशासन ने यहाँ सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए थे तब लगा कि अब इस पर लगाम लग जाएगा लेकिन देह व्यापार से जुड़ी शिकायतें कम नहीं हुई.

इसी टोले के युवक राजा ने महीनों से इसके खिलाफ अभियान छेड़ रखा है. उसने पहले अपने परिवार को इस धंधे से बाहर निकाला, फिर समाज की मां-बेटियों के लिए आवाजें उठानी शुरू की.

प्रशासन से लेकर शासन स्तर पर शिकायत की. इधर पुलिस ने भी सख्ती दिखाई और आज टोले की आठ गुमटियों को बंद कराया.

दुकानदारों में मंजू, गुलशन, संगीता, शबनम आदि ने कहा  कि वह लोग पान व गुटके की गुमटी खोल रखी है, जब उसको बंद करा दिया गया, तो आखिर घर का खर्च कैसे चलेगा.

चौकी इंचार्ज बिस्कोहर राजेश शुक्ल के मुताबिक एसडीएम के निर्देश पर दुकानें बंद कराई गई हैं. सभी गुमटी खाली थी, उसमें कोई सामान नहीं थे. गुमटियों में महिलाएं बैठी रहती थीं, वह किसलिए बैठती थीं, यह सभी वाकिफ हैं. देह व्यापार पर अंकुश लगाने की दृष्टि से दुकानें बंद कराई गई हैं.


एसडीएम ध्रुव कुमार के प्रयासों के चलते बिस्कोहर में सेक्स वर्कर्स ने एक साल पहले देह व्यापार छोड़ने की जब शपथ ली थी. तब एसडीएम ने भी दिल बड़ा करते हुए ऐलान किया था कि वह अपनी तनख्वाह से उनकी शादियां कराएंगे. लेकिन एक बार फिर इस तरह की शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन सख्त हो गया है. 

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