मोहम्मद आरिफ खान
बलरामपुर: पिछले कुछ दिनों से सोशल मिडिया पर एक ख़बर तेजी से फैल रहीं है। जिसमे आरोप लगाया जा रहा है कि बलरामपुर रेलवे स्टेशन के बगल खाली पड़ी जमीन पर रोहिंगिया मुसलामानों ने कब्ज़ा कर रखा है।
ट्वीटर और फेसबुक पर ये ख़बर तेजी से फैलाई जा रही है।
नेशन फर्स्ट नामक ट्वीटर हैंडल से पोस्ट किया गया कि यूपी बलरामपुर रेलवे स्टेशन खाली पड़ी भूमि पर रोहिंग्या मुसलमान डेरा डाल रहें हैं। प्रशासन, शासन से आविलंब कार्यवाई की अपेक्षा है।
जितेन्द्र सिंह राजपूत नाम के ट्वीटर हैंडल ने पोस्ट को रिट्वीट कर बलरामपुर पुलिस व यूपी पुलिस को टैग करते हुए लिखा कि क्या आप लोग यहां भी बांग्लादेश बनवा देंगे, इनकी नागरिकता का सत्यापन करें।
इसी प्रकार ट्वीटर और फेसबुक पर भी कई लोगों ने इस ख़बर को पोस्ट कर दिया।
क्या है हकीकत
ट्वीटर पर इस ख़बर के फैलने के बाद बलरामपुर पुलिस ने इस ख़बर का खंडन करते हुए कहा कि बलरामपुर पुलिस व स्थानीय अभिसूचना इकाई द्वारा उक्त प्रकरण के संबंध में मौके पर जाकर जांच की गई है। जांच में पाया गया कि रोहिंग्या शरणार्थियों की जिस फोटो को पोस्ट कर ये ख़बर फैलाई जा रही है वो कहीं और का है।
बलरामपुर पुलिस ने जांच के बाद कहा कि बलरामपुर रेलवे स्टेशन पर कोई रोहिंग्या शरणार्थियों की झुंग्गी नहीं है। यह एक झूठी ख़बर है जिसको अलग अलग लोगों द्वारा रीट्वीट कर अफ़वाह फैलाया जा रहा है।
बलरामपुर ने इस मामले को लेकर चेतावनी भी दी है।
बलरामपुर पुलिस ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि किसी के द्वारा भी इस अफ़वाह को व्यक्तिगत या सोशल मिडिया के माध्यम से फैलाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।




