शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर -प्रदेश सरकार शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रही है लेकिन यह दावा निराधार साबित हो रही है। शाम 7 से लेकर 10 बजे रात तक विद्युत कटौती से छात्रों को पढ़ने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। परीक्षा सिर पर है जिससे परीक्षार्थियों को मजबूरन लालटेन के सहारे परीक्षा की तैयारी करनी पड़ रही है ऐसे में हाई स्कूल इंटरमीडिएट व विश्वविद्यालय के परीक्षाओं की तैयारी करने वाले परीक्षार्थी बिजली कटौती से परेशान है।
शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बढ़नी की करीब ढेबरुआ उप केंद्र से लगभग 200 से अधिक गांव में बिजली आपूर्ति की जाती है मौजूदा समय में 7:00 बजे से 10:00 बजे तक बिजली कटौती होती है इसी तरह सुबह 7:00 बजे से लेकर 10:00 बजे तक कटौती होती है जब कि आगामी 7 फरवरी से यूपी की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट व 11 फरवरी से मदरसा बोर्ड ,22 फरवरी से विश्वविद्यालय की परीक्षाएं आरंभ हो रही है।
परीक्षार्थियों ने विद्युत कटौती पर विरोध जताया है इंटरमीडिएट की छात्र रजा खान ने कहा है कि 7:00 बजे लाइट कट जाने से परीक्षा की तैयारी करने में समस्याएं उत्पन्न हो रही है।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के बीकॉम छात्र सनी श्रीवास्तव ने कहा है कि पढ़ाई करने के टाइम पर बिजली कट जाने से पढ़ाई करने के लिए से लालटेन का सहारा लेना पड़ रहा है।
चंद्र पब्लिक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य योगेश चंद्र शुक्ला ने कहा है कि अभी तक कोई कटौती नहीं हो रही थी लेकिन परीक्षा के नजदीक आते ही कटौती होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
कठेला में स्थित पैट्रियट पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य ने शाम 7 बजे के बाद विद्युत कटौती पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इससे हाइस्कूल व इंटरमीडिएट के छात्र काफी परेशान हैं। बोर्ड परीक्षा सर पर है और विद्युत विभाग बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है।
खैरी उर्फ झूँगहवा में मौजूद रहमानिया पब्लिक स्कूल के अधयापक सद्दाम हुसैन ने बिजली के शेड्यूल में बदलाव की मांग की। उन्होंने कहा की बोर्ड परीक्षा के समय लचर विद्युत व्यवस्था से छात्रों को पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है।
वही छात्र सेवक वकार खान ने कहा है कि शिक्षा विभाग व डीएम के आला अधिकारियों को इस गंभीर समस्या का समाधान करना चाहिए।
पत्रकारों ने विद्युत विभाग के
अधीक्षक अभियंता एके श्रीवास्तव से बात की तो उन्होंने कहां कि मामले की जानकारी नहीं है उन्होंने कहा अगर ऐसा है तो शेड्यूल में परिवर्तन कराया जाएगा जिससे पढ़ाई बाधित ना हो सके।

