इसरार अहमद इटवा सिद्धार्थनगर:लेखपाल कमलेश मिश्रा और उसके गैंग के सदस्यों पर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, न्यायालय का अपमान करने ,तहसीलदार को जान से मारने की धमकी देने तथा तहसील परिक्षेत्र में गुंडागर्दी करने पर तहसील प्रशासन द्वारा निम्न कार्यवाही की गई।
बीते 1 फरवरी 2019 को सुबह 11:30 बजे तहसीलदार न्यायालय इटवा में घुसकर अभद्र भाषा प्रयोग करने और जान की धमकी देने वाले लेखपाल कमलेश मिश्रा और उसके पुत्र शुभम मिश्रा एवं अन्य के विरुद्ध तहसीलदार इटवा की तहरीर पर उपजिला अधिकारी के आदेश के क्रम में थाना इटवा में 7 सी एल एक्ट, धारा 308 सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है।
लेखपाल कमलेश मिश्रा तहसील के 10 बड़े बकायेदारों में सम्मिलित है। इस पर ₹205000 का बिजली बकाया है, बकाया नहीं जमा करने पर बिजली विभाग से मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही तहसीलदार इटवा ने बकाया नहीं जमा करने पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया है एवं उप जिलाधिकारी द्वारा इसकी चल संपत्ति गाड़ी जनरेटर जब्त करने का आदेश दिया है। साथ ही तहसीलदार को आदेश दिया है जब जेल से लेखपाल छूटता है तो गिरफ्तार कर तहसील जेल में रखा जाए।
लेखपाल कमलेश मिश्रा के पास लाइसेंसी बंदूक है। जिसका पंजीकरण संख्या 6 स्वीकृत वर्ष 1991 है।कमलेश मिश्रा बंदूक का प्रदर्शन कर क्षेत्र में भय का माहौल पैदा करता है अतः बंदूक का लाइसेंस निरस्त कर बंदूक जब्त करने की जिला मजिस्ट्रेट महोदय को रिपोर्ट की गई।
पूर्व में तहसीलदार इटवा के साथ चेंबर में अभद्र भाषा का प्रयोग लेखपाल कमलेश मिश्रा ने किया था, जिस कारण निलंबित किया गया था। इसकी जांच जिला अधिकारी महोदय ने तहसीलदार नौगढ को सौंपी थी।तहसीलदार नौगढ से प्राप्त रिपोर्ट में सभी आरोप सही पाए गये। अतः कमलेश मिश्रा को सेवा से समाप्त करने का "कारण बताओ नोटिस जारी" किया गया है।
लेखपाल कमलेश मिश्रा और उसके पुत्र शुभम मिश्रा महाकाल ग्रुप से जुड़े हैं। महाकाल ग्रुप अध्यक्ष इसके सुपुत्र शुभम मिश्रा है। महाकाल ग्रुप के पदाधिकारी द्वारा तहसीलदार न्यायालय में अभद्र भाषा प्रयोग की गई है और तहसील क्षेत्र में भय का वातावरण पैदा किया गया है। इस ग्रुप में कुछ नवयुवक भी सम्मिलित है। इस ग्रुप के पदाधिकारी धर्म और राष्ट्रीयता की आड़ में अराजकता का माहौल पैदा करने का कार्य किया है ।इसके कारण महाकाल ग्रुप को प्रतिबंधित कर दिया गया है किसी प्रकार की परमिशन पर रोक लगा दी है ,साथ ही थानाध्यक्ष इटवा को आदेशित किया कि अराजक तत्वों को चिन्हित करें और उनके विरुद्ध सुसंगत धाराओं यथा -107/ 16 , गुंडा गैंगेस्टर आदि में कार्रवाई करें।
लेखपाल कमलेश मिश्रा ने पूर्व में कई अधिकारियों के साथ अभद्रता की है। कई बार निलंबित हो चुका है और कई गंभीर धाराओं में आज भी मुकदमे दर्ज हैं ।न्यायालय में पेशी होती है। लेखपाल संघ ,अधिवक्ता संघ ,व्यापारी बंधुओं ने भी इसके कुकृत्यो की निंदा की है। लेखपाल संघ ने पूर्व में ही अपने संघ से निष्कासित कर दिया है। सभी लोगो नेएक स्वर मे कमलेश मिश्रा को लेखपाल के नाम पर कलंक मानते हुए लेखपाल पद पर न रहने के लिए आह्वान किया है।
तहसील प्रशासन का कहना है कि यह अभी मात्र शुरुआत है ,अभी अनेक प्रभावी कार्रवाई होना अवशेष है क्योंकि विधिक प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। तहसील प्रशासन द्वारा ऐसी कार्रवाई की जाएगी जिससे भविष्य में भी कोई तहसील क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने का दुःसाहस न कर सकें।
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