अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण भूमि पूजन के ऐतिहासिक अवसर पर सबल संस्थान द्वारा बढ़नी के भौराली में श्री राम की पूजा अर्चना कर जातिमुक्त अभियान का संकल्प लिया।
राम मंदिर निर्माण के साथ ही जातिमुक्त भारत की उठी मांग। प्रधानमंत्री को भारत में 2022 तक जातिमुक्त वादे की दिलाई याद।
अयोध्या में राममंदिर का भूमिपूजन शुरू होने पर देश में जाति प्रथा पर कानून बनाकर प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठ गई है।
सबल संस्थान ने भूमिपूजन मुहूर्त के समय ही जातिमुक्त हिंदुत्व अभियान का शुभारंभ किया।इस अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से भारत मे 2022 तक जातिमुक्त भारत का वादा पूरा करने की मांग की जाएगी।
सबल संस्थान कार्यालय पर सचिव दीनानाथ ने विधिवत पूजन के साथ ही अभियान का शुभारंभ किया।इस मौके पर जनपद के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता जन कल्याण सेवा संस्थान के प्रबंधक मनोज कुमार ने कहा कि जाति प्रथा मिटाए बिना नए भारत का निर्माण नही हो सकता।
विश्व सेवा संघ अध्यक्ष सुनील केसी ने कहा कि जाति प्रथा असंवैधानिक व अमानवीय है।कानून बनाकर प्रतिबंधित किया जाए।
जीवन बुद्धा फाउंडेशन के होली प्रसाद ने कहा कि जिस प्रकार संविधान में अस्पृश्यता को प्रतिबंधित किया गया है। उसी प्रकार समानता के अधिकार का उल्लंघन करने वाली जाती प्रथा को संसद कानून बनाकर समाप्त करें।आर्थिक और तकनीकी मोर्चे पर देश ने महत्वपूर्ण कामयाबी अर्जित की है, लेकिन जाति, समुदाय और लिंग के आधार पर भेदभाव के बढ़ते मामले बड़ी चिंता का कारण हैं। सरकार को देश से जाति व्यवस्था खत्म होनी चाहिए और भविष्य का भारत जातिविहीन और वर्गविहीन होना चाहिए।
उन्होंने गिरजाघरों, मस्जिदों और मंदिरों के प्रमुखों से जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए काम करें।
इस मौके पर गोबर्धन, मनीष यादव, दिलीप पांडेय,नीरज मिश्रा, शीतल प्रसाद दुबे,महफूज आलम आदि लोग मौजूद रहें।
