सद्दाम खान
सिद्धार्थनगर:शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में शासन की प्राथमिकता वाली स्थाई व अस्थाई गौशाला स्थापित करने को लेकर जमीनी जद्दोजहद के बाद शोहरतगढ़ तहसील अंतर्गत बनाए गए दर्जनभर गौशाला में हालत बहुत ही खराब है, गौशालाओं में पर्याप्त व्यवस्था ना होने से बेसहारा पशु शोहरतगढ़ कस्बे व ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे आए दिन शोहरतगढ़ क्षेत्र में दुर्घटना हो रही है, रोजाना दुर्घटना में बेसहारा पशुओं की मौत भी हो रही है, कस्बे के आसपास दर्जनों बेसहारा पशु घायल अवस्था में घूम रहे हैं लेकिन उनके चोट पर मरहम लगाने वाला कोई नहीं है, स्थानीय प्रशासन व क्षेत्र के जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे बैठे हैं।
यही जनप्रतिनिधि गाय के नाम पर वोट मांगते हैं, केवल चुनाव में डंका पीटने का काम करते हैं, आजकल स्थिति कुछ और ही है। शासन ने प्रत्येक गौशाला के लिए अच्छी खासी धनराशि का आवंटन किया है, फिर भी व्यवस्था के नाम पर सब सूखा ही है।
ताजा मामला कल रात्रि जहां लगभग 4 घंटे तक मृत अवस्था में गाय पड़ी रही लेकिन कोई जिम्मेदार उठाने वाला नहीं था, लगभग 8:00 बजे के आसपास नगर पंचायत की गाड़ी से नपा कर्मचारियों द्वारा गाय को हटाया गया दूसरा मामला आज दिन चेतिया मोड़ का है, जहां मृत अवस्था में गाय सुबह से पड़ी हुई थी, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि की नजर नहीं पड़ रही थी। कुछ सामाजिक व्यक्तियों ने मृत अवस्था में पड़ी गाय को दफन करवाया।
सड़क पर बेसहारा पशुओं के घूमने से यातायात व्यवस्था को बहुत अधिक प्रभावित कर रहा है, कभी रेलवे ट्रैक के निकट व कभी सड़कों के किनारे जख्मी हालत में बेसहारा पशुओं को देखा जाना बेहद दुखद है। शोहरतगढ़ क्षेत्र के जनप्रतिनिधिअपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं,जो की चिंता का विषय है।
पशुओं के संरक्षण व स्वास्थ्य के लिए बनाए गए गौशालाओं में पर्याप्त व्यवस्था ना मिल पाना प्रशासन को भी सवालों के घेरे में ले रहा है।

