राम के आदर्शों का आत्मसात करने से मनुष्य में अच्छे संस्कार का वातावरण बनता है।भगवान राम ने पुत्र,भाई,पति,शिष्य,राजा,वीर योद्धा और एक पिता के रुप में संसार के समक्ष एक आदर्श प्रस्तुत किया है।आज के इस भौतिक युग में जिसे अपनाने की आवश्यकता है।
उक्त बातें क्षेत्रीय भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने कही।वह बढ़नी ब्लाक के परसा स्टेशन गांव में नवयुवक पंचायती रामलीला समिति परसा स्टेशन के तत्वाधान में 21 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रामलीला का शुभारम्भ के अवसर पर मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि रामलीला बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।राम के आदर्शों को बताने के लिए सभी गाँवों में रामलीला का आयोजन होना चाहिए।रामलीला से हमें अनेक प्रकार की अच्छी शिक्षा भी मिलती है।इसके पूर्व परसा स्टेशन की इस ऐतिहासिक रामलीला का शुभारम्भ क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी रामदास पाण्डेय द्वारा भगवान विष्णु की आरती के साथ हुआ।इस अवसर पर ग्रामप्रधान रामचन्द्र शुक्ल ने सांसद पाल से परसा स्टेशन पर गोरखपुर-बादशाहनगर इण्टरसिटी ट्रेन के ठहराव की मांग किया।कार्यक्रम का संचालन लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी नर्वदेश्वरमणि त्रिपाठी ने किया।इस मौके पर हियुवा के जिला महामंत्री अजय सिंह, नरेन्द्र बहादुर सिंह,त्रिभुवन प्रसाद,रिंकू पाल,वेदप्रकाश श्रीवास्तव,सतीश शर्मा,महेश,घनश्याम,मयंक शुक्ल,हितेश सिंह आदि मौजूद थे।
उक्त बातें क्षेत्रीय भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने कही।वह बढ़नी ब्लाक के परसा स्टेशन गांव में नवयुवक पंचायती रामलीला समिति परसा स्टेशन के तत्वाधान में 21 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रामलीला का शुभारम्भ के अवसर पर मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि रामलीला बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।राम के आदर्शों को बताने के लिए सभी गाँवों में रामलीला का आयोजन होना चाहिए।रामलीला से हमें अनेक प्रकार की अच्छी शिक्षा भी मिलती है।इसके पूर्व परसा स्टेशन की इस ऐतिहासिक रामलीला का शुभारम्भ क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी रामदास पाण्डेय द्वारा भगवान विष्णु की आरती के साथ हुआ।इस अवसर पर ग्रामप्रधान रामचन्द्र शुक्ल ने सांसद पाल से परसा स्टेशन पर गोरखपुर-बादशाहनगर इण्टरसिटी ट्रेन के ठहराव की मांग किया।कार्यक्रम का संचालन लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी नर्वदेश्वरमणि त्रिपाठी ने किया।इस मौके पर हियुवा के जिला महामंत्री अजय सिंह, नरेन्द्र बहादुर सिंह,त्रिभुवन प्रसाद,रिंकू पाल,वेदप्रकाश श्रीवास्तव,सतीश शर्मा,महेश,घनश्याम,मयंक शुक्ल,हितेश सिंह आदि मौजूद थे।

