सिक्के की समस्या ग्राहकों के लिए जटिल बनती जा रही है। अब तो जिधर देखो, ग्राहकों व दुकानदारों मे सिक्के को लेकर तकरार बढ़ती जा रही है। नौबत तू तू मैं मैं व झगड़े तक पहुच गई है। कुछ दिनों से एक रूपए का सिक्का बन्द होने की अफवाह ने परेशानी को और बढ़ा दिया है। ग्राहक एक रूपए का सिक्का लेकर दुनाक पर जाते है। तो दुकानदार साफ इंकार कर दे रहे हैं। दुकानदारों की माने तो एक दो ही नही पाँच और दस का सिक्का भी कोई नहीं ले रहा है।
जिले मे यह समस्या पिछले एक महीने से बनी हुई है। नौगड़ मुख्यालय से लेकर शोहरतगढ़, तुलसियापुर, बढ़नी डुमरियागंज, इटवा और बासी जिधर चले जाए, सिक्के की समस्या विकट बनी हुई है। सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना ग्राहकों व छोटे दुकानदारों को करना पड़ रहा है। अभी तक पाँच व दस की सिक्के को लेकर समस्या खड़ी थी लेकिन अब एक रुपया तो लिया ही नहीं जा रहा है। छोटे दुकानदारों का कहना है कि बड़े व्यपारी सिक्का लेते ही नही, फिर वे लेकर क्या करें।
पूर्वांचल खबर ने बंद सिक्के की जानकारी भारतीय स्टेट बैंक बढ़या से ली उन्होने बताया कि गिनने की समस्या व स्टाफ की कमी के कारण बैंक सिक्के नहीं ले रहे हैं।
जिले मे यह समस्या पिछले एक महीने से बनी हुई है। नौगड़ मुख्यालय से लेकर शोहरतगढ़, तुलसियापुर, बढ़नी डुमरियागंज, इटवा और बासी जिधर चले जाए, सिक्के की समस्या विकट बनी हुई है। सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना ग्राहकों व छोटे दुकानदारों को करना पड़ रहा है। अभी तक पाँच व दस की सिक्के को लेकर समस्या खड़ी थी लेकिन अब एक रुपया तो लिया ही नहीं जा रहा है। छोटे दुकानदारों का कहना है कि बड़े व्यपारी सिक्का लेते ही नही, फिर वे लेकर क्या करें।
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