बलरामपुर:खतरे के निशान से 33 सेमी ऊपर पहुची राप्ती नदी. नेपाल से छोडे गए पानी के चलते बलरामपुर मे नदियों ने भयानक रूप धारण कर लिया है। नदियों के जलस्तर मे लगातार वृद्धि हो रही है. खतरे का निशान पार करने के बाद बाढ के हलात बिगडने लगे हैं। जिले मे लगभग 250 गाँवो पर बाढ का खतरा मंडराने लगा है। सडको पर पानी भर जाने के कारण गौरा चौराहा-तुलसीपुर मार्ग बन्द हो गया है।
नेपाल के पानी से नदी का जलस्तर तेजी से बढ रहा है। सिसई घाट-मदारा मार्ग पर बाढ का पानी भर जाने के कारण बन्द हो गया है। कटरा शंकर नगर गाँव को पास बाढ का पानी भरने लगा है। दर्जनो गाँव बाढ के चपेट मे आ गए हैं। ललिया थाना क्षेत्र की तरफ से बाढ के पानी का दबाव शुरू हो गया है। उतरौला क्षेत्र के मंझारी, लखमा, पचौथा, चंदापुर , अलीपुर सहित सैकडो गाँव बाढ के चपेट मे आ गए है।
राप्ती नदी के बढते जलस्तर को देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि हालात और बिगड सकते है। आज सुबह यानी सोमवार से बलरामपुर-तुलसीपुर नेशनल हाईवे पर पानी चलने लगेगा। ऐसे मे नेशनल हाईवे बन्द होने की संभावना है।
राप्ती नदी के लगातार बढ रहे जलस्तर को देखते हुए बाढ राहत बचाव कार्य मे तेज कर दिये गए हैं।

