सिद्धार्थनगर ज़िले के शिवनगर डिडई थाना क्षेत्र के धौरहरा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बागेश्वरी धाम मंदिर के महंत सरयू दास उर्फ ब्रह्मदीन (74) ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने मंदिर के एक कमरे में खुद को बंद कर लिया था और फिर देसी तमंचे से गोली चला दी।
गोलियों की आवाज सुनकर मंदिर परिसर में मौजूद सेवादार और अन्य लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन कमरा अंदर से बंद था। लोगों ने काफी कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। दरवाजा तोड़ने के लिए ग्राइंडर मंगवाया गया और कटवाने के बाद जब दरवाजा खुला, तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। महंत सरयू दास उर्फ ब्रह्मदीन का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा था और पास में एक देसी तमंचा भी बरामद हुआ।
बताया जा रहा है कि आत्महत्या से कुछ ही देर पहले उन्होंने सेवादार नारायण दत्त पांडेय को चाय बनाने के लिए भेजा था। जैसे ही गोली चलने की आवाज आई, वह भागते हुए कमरे की ओर आए।
महंत सरयू दास वर्ष 2017 में चित्रकूट से यहां आए थे और आमी नदी के तट पर स्थित बागेश्वरी धाम मंदिर के महंत बने थे। उस समय मंदिर की स्थिति बहुत खराब थी, लेकिन उनके प्रयासों और शासन की मदद से मंदिर का कायाकल्प हुआ और अब भी सौंदर्यीकरण का काम जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौके से जो हथियार मिला है वह लाइसेंसी नहीं था। महंत के आत्महत्या करने की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
एसडीएम शशांक शेखर राय और सीओ पवनी प्रकाश भी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
थानाध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की पुष्टि हुई है, लेकिन असल कारण जानने के लिए जांच की जा रही है।