भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े प्रकरण को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुंभ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर शंकराचार्य और उनके साथ आए संत-शिष्यों को स्नान करने से रोका गया तथा बटुकों के साथ कथित दुर्व्यवहार किया गया। इसके बाद शंकराचार्य और उनके शिष्यों के खिलाफ यौन शोषण के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई।
कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने के बाद एफआईआर वापस लेने की मांग की है। जिलाध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी धर्मों और आध्यात्मिक परंपराओं का सम्मान सर्वोपरि है। यदि किसी संत या धार्मिक संस्था के साथ अन्याय हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी पक्ष का समर्थन करना नहीं, बल्कि सत्य और संविधान सम्मत न्याय सुनिश्चित कराना है। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से पूरे मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान कृष्ण बहादुर सिंह, अनिल सिंह, सतीश चंद्र त्रिपाठी, राजन श्रीवास्तव, सुदामा प्रसाद और ऋषिकेश मिश्र सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

