उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना (सेक्टर एल) से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक बेटे ने मामूली विवाद के बाद अपने पिता की नृशंस हत्या कर दी और साक्ष्यों को मिटाने के लिए शव के कई टुकड़े कर दिए।
घटना का क्रम और कारण
मृतक की पहचान मानवेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो 'वर्धमान पैथोलॉजी' के मालिक थे। वह घर पर अपने बेटे अक्षत और अपनी बेटी के साथ रहते थे (उनकी पत्नी का देहांत 9 वर्ष पूर्व हो चुका था)।
विवाद की जड़: पिता चाहते थे कि अक्षत सरकारी नौकरी की तैयारी करे और परीक्षा दे। 20 फरवरी को इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में तीखी बहस हुई।
हत्या: पिता की डांट से आक्रोशित होकर अक्षत ने घर में रखी बंदूक से उनके माथे पर गोली मार दी। यह घटना घर की तीसरी मंजिल पर हुई।
शव को ठिकाने लगाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपी बेटे ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं: वह शव को घसीटकर नीचे लाया और उसके हाथ-पैर काट दिए।
कटे हुए अंगों को उसने जंगल में फेंक दिया, जबकि शरीर के मुख्य हिस्से को एक प्लास्टिक ड्रम में भरकर घर में ही छिपा दिया। खुद को बचाने के लिए वह दो दिन बाद थाने पहुँचा और पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
ऐसे खुला राज
पुलिस मामले की जाँच कर ही रही थी कि पड़ोसियों ने मानवेंद्र सिंह के घर से असहनीय दुर्गंध आने की शिकायत की। संदेह होने पर पुलिस जब तलाशी लेने पहुँची, तो ड्रम से क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।
शुरुआत में अक्षत ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

