सिद्धार्थनगर:अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा रा के तत्वावधान में संगठन की एक बैठक डुमरियागंज तहसील के हनुमान मंदिर परिसर पिकौरा में आयोजित की गई जिसमें प्रतिदिन हो रहे ब्राह्मणों का उत्पीडन व ब्राह्मण गांव पिकौरा को लेकर विषेश चर्चा हुई.
बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा रा के उत्तर प्रदेश प्रवक्ता पं सुनील कुमार दूबे ने किया.
श्री दूबे ने कहा कि इस समय ब्राह्मण उत्पीडन थोक के भाव में हो रहा है और सरकार मूक दर्शक बनी देख रही है.
पिकौरा पर बात करते हुए श्री दूबे ने कहा कि पिकौरा गांव जो कि पूरा गांव ब्राह्मणों का है इस गांव का जिक्र तो इतिहास के पन्नों में भी अंकित है पूर्व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय श्री जोखूराम दूबे जी इसी गांव के रहने वाले थे इस गांव में आने के चार रास्ते हैं लेकिन एक भी रास्ता दुरुस्त नहीं है न तो इस गांव में आने के लिए रोड है न ही गांव में नाली है बहुत ही मुश्किल से इस गांव में एक प्राइमरी स्कूल है लेकिन उस स्कूल पर जाने के लिए गांठ भर पानी से होकर गुजरना पड़ता है.
अगर ये गांव ब्राह्मणों का न होता तो इस गांव का चित्र ही कुछ और होता गांव का हालत देखकर इसमें कोई दो राय नहीं कि ये गांव ब्राह्मण गांव होने की सजा भुगत रहा है.
बैठक में सर्वसम्मति से एक निर्णय भी लिया गया कि आने वाले चुनावों में पिकौरा गांव के अंदर नेताओं के आवागमन पर रोक लगाना चाहिए और जब तक इस गांव में हर तरफ से रोड और नाली न बन जाए पूरे गांव को वोट का बहिष्कार करना चाहिए.
ग्रामीणों ने बताया सन 1985 में पूर्व सांसद रामपाल सिंह के द्वारा खड़ंजा का निर्माण कार्य कराया गया था उसके बाद सन 2014-15 में पूर्व जिला पंचायत रामकुमार उर्फ चिंकू यादव के द्वारा 400 मीटर सी सी रोड का निर्माण कार्य किया गया है उसके बाद आजतक किसी नेता का नजर इस गाँव पर नही पड़ी.
बैठक में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा रा के उत्तर प्रदेश प्रवक्ता पं सुनील कुमार दूबे, संत सिरोमणी, सुधीर दास महाराज, अंकुर दूबे, गणेश दूबे, मुन्ना दूबे, शिवमणि पांडेय, दद्दन दूबे, कृष्ण मोहन दूबे सहित दर्जनों ग्रामवासी मौजूद रहे.

