लखनऊ:कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते उत्तर प्रदेश मे होने वाले पंचायत चुनाव फिलहाल टाले जा सकते हैं. प्रदेश मे ग्राम पंचायत समेत सभी पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल 25 दिसम्बर को समाप्त हो रहा है. लेकिन अभी तक चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई गाइडलाइंस नहीं जारी की गई है.
ऐसे में अक्टूबर-नवंबर में पंचायत का चुनाव करवा पाना प्रशासन के लिए काफी मुश्किल है, क्योंकि पंचायत के चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग को कम से कम छह माह का समय चाहिए. इसके अलावा सारी तैयारियों के पूरे होने के बाद भी पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी करने के लिए चुनाव आयोग को कम से कम 40 दिन का समय चाहिए.
उत्तर प्रदेश सरकार इस बार जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी, प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव एक साथ कराएगी. आयोग से जिलों को जो तैयारी कराने के निर्देश दिलवाए गए हैं, वह चारों पदों पर एक साथ चुनाव कराए जाने के क्रम में हैं. इससे साफ जाहिर है कि यूपी में जब भी चुनाव होंगे सभी पदों पर एक साथ होंगे.
प्रधानों के कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाकर उनसे ही गांव में विकास कार्य करवाए जा सकते हैं.

