परमात्मा उपाध्याय सिद्धार्थनगर:प्रदेश सरकार जहाँ अपराधियों पर लगाम लगाने की बात कर रही है तो दूसरी तरफ नेताओं का संरक्षण पाकर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
यहां अपराध, भ्रष्टाचार, घोटालों कारपोरेट और बाहुबली नेताओं के कारनामे उजागर करने वाले पत्रकारों पर हमले हो रहें हैं।
इधर एक नया ट्रेंड भी चल पड़ा है. जिसमें वैचारिक रूप से अलग राय रखने वालों और लिखने पढ़ने वालों लोगों को डराया, धमकाया जा रहा है. उन पर हमले हो रहे हैं।
इसी क्रम में खाकी और खादी के गठबंधन से बढ़नी क्षेत्र में अपराधियों का बोल बाला है। पत्रकार पिटे या अध्यापक, सरकारी डाक्टर गाली खाये या प्रधान पुत्र या पत्नी अपने पति के पैसे को लेकर हुये कत्ल के बाद बकाये रू0 वापसी हेतु गिडगिडाये आरोपी गर पार्टी के नेताजी के शरण मे है।
तो दरोगाजी कार्यवाही के पहले नेता जी को खबर कर पीडित को नेताजी के शरण मे जाकर नेताजी का जनाधार बढाते हुये अपनी कुर्सी को दीर्घायु प्रदान करते हैं।
मामला थाना ढेबरुआ अंतर्गत एक गाँव के रहने वाले नेताजी का है ,आजकल चर्चित एक पार्टी के पदाधिकारी नेताजी का है जो पीडित की न सुन दबंग आरोपी की पैरवी करने मे ही अपनी दबंगई राजनीति समझते हैं खैर वै भी और पार्टी की परंपरा को ही आगे बढाने मे लगे हैं बताया जाता है अभी सत्ता से हटे पार्टी के लोग भी अपराधियों को प्रश्रय देकर राजनीति करते थे उसी टै्क पर ये नेता जी दरोगा के सहयोग से अपराधियों को संरक्षण देना शुरू कर दिये हैं।
वैसे कई नेताओं को अपराधी पालने का शौक पुराना है।
पीडितों मे कईयों के लगाए आरोपों को अगर खंगाला जाए नेताजी और दरोगा के काल रिकॉर्ड को सर्विलांस से अगर चेक किया जाय तो काफी सत्यता उजागर हो थाना कौन और किस लिए चला रहा है सामने आ जायेगा।
बताया जाता है एक पीडित अधिकारी रात आठ बजे थाने पर अपने हरिजन उत्पीडन का प्रार्थना पत्र दीवान को देता है दीवान फोन पर बढनी मे जलूस संभाल रहे इंचार्ज को देता है दरोगा कार्यवाही करने के बजाय उक्त नेताजी को फोन कर घटना बताता है नेताजी तुरंत पीडित को फोन कर तहरीर वापस लेने को दबाव बनाते हैं। भक्त दरोगा मामला चौकी को जाँच को देते हैं जबकि जानकारों के अनुसार हरिजन उत्पीड़न का मामला सीओ को जाँच मे देना चाहिए था।
ऐसी ही पीडित अध्यापक ने भी नेताजी के दुलारे आरोपी अपराधी को बचाने मे उनके द्वारा बस तिराहे पर सुलह करवाने हेतु दबाव की कहानी आम हो चुकी है।
बढनी बगल के एक गाँव के पूर्व प्रधान की पैसे को लेकर हत्या के बाद बकाया पैसे की वसूली को लेकर पुत्र ,पत्नी सब दर दर भटक रहे हैं चर्चा है रू0 हडपे आरोपियों को नेताजी का संरक्षण होने से पुलिस चाहकर भी असहाय नजर आरही है । बताया जाता है पीडित के चौकी थाने पर फरियाद लेकर जाने पर उसे इंसाफ न देकर उक्त चर्चित नेताजी के शरण मे जाने को भेजा जाता है ।
घटनाओं व नेताजी के कार्यशैली को देखते हुये लोगबाग कह रहे हैं अगर इस सरकार मे भी पीडितों की नही सुनी जा रही है केवल मनीराम ,क्राईम मैन ,प्रभावी,दबंगजी की ही सुनी जा रही है , तो सरकार बदलने का क्या मतलब ?
कईयों पीडितों ,लोगों ने केन्द्र व प्रदेश सरकार व पार्टी के अध्यक्षों , डीजीपी , मुख्य सचिव को शिकायती पत्र भेजकर वस्तु स्थिति से अवगत करवाते हुये उचित कार्यवाही की माँग की है ।
आम लोगों का कहना है उक्त नेताजी अपने कार्यकलापों से पार्टी के साफ सुथरे नीतियों के जडों को धीरे धीरे कुतर रहे हैं जिसका असर 19के चुनाव मे साफ दिखेगा ।
-आम जनो,पीडितों, जन चर्चाओं, पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित रिपोर्ट ।

