सिद्धार्थनगर:स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मौलाना अब्दुल क़य्यूम रहमानी फाउंडेशन के तहत चल रहे रहमानिया पब्लिक स्कूल खैरी उर्फ झूँगाहव में बच्चों ने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिवस को बाल दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया।
इस मौके पर स्कूल के प्रबंधक मसूद आलम और अध्यापक सद्दाम हुसैन, मालती देवी, आसिफ मसूद, सूर्य भवन सूरज, प्रीति कुमारी मौजूद रहे।
स्कूल के अध्यापक सद्दाम हुसैन ने चाचा नेहरू के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को विस्तार से समझाते हुए कहा कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन 14 नवम्बर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। उनके पिता मोतीलाल नेहरू व माता का नाम स्वरूप रानी था। पंडित जवाहरलाल नेहरू बच्चों से बहुत प्यार करते थे। इसी कारण आज हम उन्हें चाचा नेहरू कहकर पुकारते हैं।
प्रबंधक मसूद आलम ने कहा कि 1919 में नेहरू महात्मा गांधी के सम्पर्क में आए नेहरू गाँधी जी प्रभावित होकर उनके 1919 में नेहरू महात्मा गांधी के के संपर्क में आए। नेहरू गांधी जी से प्रभावित हुए और उन्होंने गांधी के उपदेशों के अनुसार खुद को ढाल लिया। नेहरू गांधी की तरह ही कुर्ता और टोपी पहनने लगे थे। देश की आजादी में नेहरू का खास योगदान था। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में नेहरू जी 9 अगस्त 1942 को मुंबई में गिरफ्तार हुए और अहमदनगर जेल में रहे यहां से 15 जून 1945 को रिहा किए गए।
पंडित नेहरू को आधुनिक भारत का निर्माता कहां जाता है। उन्होंने पंचवर्षीय योजनाओं का शुभारंभ किया था। साल 1947 में देश की आजादी के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री बने नेहरू 1947 से 27 मई 1964 तक भारत के प्रधानमंत्री थे।
इस अवसर पर राकेश भारद्वाज, दीपक राजभर, जगराम राजभर, बालकेश, संदीप साहनी, नन्दराम निषाद, मोहम्मद इब्राहिम, क़िफतुल्लाह, राजू पासवान, पुजारी, सनी, रवि, अनिल व विद्यालय के छात्र इंद्र कुमार, विनय कुमार, विशाल, पवन, संतोश, राम विरक्ष, आकाश, योगेंद्र, पुनीता, अंजू राजभर, सीमा कुमारी, खुसबू, सोनाली आदि लोग मौजूद रहे।

