कठेला पुलिस चौकी प्रभारी शमशेर यादव ने रामलीला के दूसरे दिन का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने ने कहा कि औदही कलां की रामलीला समाज में समरसता स्थापित कर रही हैं। हिन्दू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों के मध्य मौजूद सहयोग और सद्भाव की भावना से सभी को सीख लेनी चाहिए।
इसके बाद गांव के ही कलाकारों के द्वारा विश्वामित्र-दशरथ संवाद, अहिल्या उद्धार, ताड़का-वध, धनुष-भंग, परशुराम -लक्षमण संवाद,राम विवाह से लेकर सीताहर तक का मनोरम तरीके से दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
कलाकारों ने मोहक ढ़ंग से लीला का जीवंत मंचन किया गया।रामविवाह के अवसर पर पंडाल मेें मौजूद महिलाओं नेे मांगलिक गीत को गाया।
तीसरे दिन मेला मैदान में दिन में ही दर्शकों के समक्ष सीता-खोज,अक्षय कुमार वध,लक्षमण मूर्छा,मेघनाद वध, कुम्भकरण वध से रावण वध तक दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
इस दौरान श्रीरामलीला समिति औदही कलां के अध्यक्ष गंगाराम तिवारी,प्रधान प्रतिनिधि मयंक शुक्ल, कोषाध्यक्ष शहंशाह आलम, अनिल अग्रहरि, सगीर चौधरी, अतीकुर्रहमान, शिवपूजन, रामनिरंजन, विनय शुक्ल, रामकुमार गुप्ता, संदीप वरुण, गोपाल गुप्ता, कौशल गुप्ता, रमेश गुप्ता, रामटहल, विजय गुप्ता आदि मौजूद थे।




