सिद्धार्थनगर किसान कल्याण अभियान के द्वतीय फेज के अन्तर्गत चयनित गांव मानपुर विकास खंड बढ़नी में एक दिवसीय ग्राम स्तरीय कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र सोहना से आये व्यज्ञानिक डांक्टर एस के मिश्रा, डांक्टर मार्कण्डेय सिंह, डांक्टर नीलम जी ने अपने अपने अनुभव के विचारों को रखा।
खण्ड तकनीकी प्रबंधक विशाल ने किसानों को यह बताया कि किसान भाइयों भूमि की दशा बिगड़ रही है इस लिये अपने खेत की मिट्टी की जांच अवश्य करा लें और मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त होने के उपरांत कार्ड में दरसाये गए आंकड़े के अनुसार ही खाद एवं उर्वरक का ही इस्तेमाल करें इसके साथ साथ किसान भाई अपना किसान रजिस्ट्रेशन अवश्य करा लें तभी आप माने जाएंगे कि आप किसान है।
किसान भाई अपने फसल चक्र में एक फसल दलहन की अवशय ले। और जो किसान भाई यंत्र खरीदना चाहते है वो इस समय चल रही योजना के अंतर्गत इन सीटू मैनेजमेंट एवं क्रॉप रेजीडियू के अंतर्गत 8 यंत्रो में से जो किसान तीन यंत्र खरीद कर कल 13 नवंबर तक बिल अपलोड करवा देगा उस किसान को 80 प्रतिशत तक का अनुदान मिल जाएगा। और जो किसान 1 यंत्र लेगा उसको 50 प्रतिशत तक का अनुदान मिलेगा
इसके साथ साथ खण्ड तकनीकी प्रबंधक विशाल सिंह ने बताया कि प्रिय किसान भाइयों अपने खेत के फसल अवशेष बिल्कुल न जलाये और इसका जैव उर्वरक के रूप में इस्तेमाल करके इसका उपयोग करें अवशेषों का जैव उर्वरक बनाने के लिए कृषि विभाग की तरफ से प्रत्येक किसान को 2 डिब्बी डी-कंपोजर दिया जा रहा है इसका उपयोग करने का तरीका बताते हुए किसानों को प्रेरित किया गया कि आप लोग गोबर की खाद का भी इस्तेमाल करें।
कृषि विज्ञान केंद्र से आये वैज्ञानिक डांक्टर एस.के.मिश्रा जी ने बताया कि खाद्यान्य फसलो के साथ साथ किसान भाई खेती के साथ साथ अन्य व्यवसाय जैसे मधुमक्खी पालन, पशुपालन, सब्जी की भी खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया ग्रह विज्ञान सम्बन्धी विषयों पर जानकारी दिया डांक्टर नीलम जी और फार्म मसीनरी सम्बन्धी जानकारी दिया डांक्टर मार्कण्डेय जी ने।
इस कार्यक्रम का संचालन कर रहे कृषि विभाग के ही प्राविधिक सहायक श्री राम सेवक संचालन के साथ साथ किसानों को आधुनिक तरीके से खेती करने के विषय मे जानकारी भी दिया कि किसान भाई परंपरागत खेती के तौर तरीकों को छोड़ कर आधुनिक तकनीकी से खेती करें तभी सम्भव है किसानों की आय दोगुनी होगी।
इसके साथ साथ कृषि विभाग के विकास खंड स्तरीय अधिकारी खण्ड तकनीकी प्रबंधक कृषि श्री विशाल सिंह जी ने मसूर बीज,गेंहूँ बीज प्रदर्सन हेतु किसानों को जागरूक किया कि किसान भाई एक समूह में राजकीय बीज भंडार से यदि बीज खरीदते है तो उनका बीज के साथ साथ कीटनाशी, खरपतवारनाशी, जिंक, मिक्रोन्यूट्रिएंट,आदि का भी पैसा पूरा डी.बी.टी.के माध्यम से उनके खाते में भेज दिया जाएगा इसके लिए किसान भाई अपने खेत की खतौनी, बैंक पासबुक,आधारकार्ड,मोबाइल नंबर लेकर जाए और बीज खरीद लाये।
इस बीच कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक
रामसेवक,पशुपालन विभाग के डॉ शैलेन्द्र कुमार, ग्राम प्रधान प्रतिनिध श्री कृष्ण चौधरीजी और गांव के ही वरिष्ठ किसान परमेन्द्र कजमार,विजय सिंह,वीरेंद्रकुमार,सकटु, साधू, भानमती,कुसुम,गायत्रीआदि सैकड़ों किसान मौजूद रहे।


