अमित मौर्या:बढ़नी सिद्धार्थनगर स्थानीय नगर के दो नेताओं द्वारा बारी बारी से अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए कहां कानून एवं लाइसेंस का सहारा लिए घूम रहे हैं।
बताया जाता है कि एक नेता विगत दशहरा पूजा के समय बिना लाइसेंस के मुर्गा मीट मछली आदि की बिक्री पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे।
इस संबंध में उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों को शिकायती पत्र भी दिया था जिसका परिणाम यह निकला कि दशहरा त्योहार तक दुर्गा प्रतिमाओं की का बहाना बनाकर ओम नगर में खुली जगहों पर मीट मुर्गा मछली नहीं बिका बताया जाता है कि दीपावली के त्यौहार को ध्यान में रखकर एक दूसरे नेता जी ने उपनगर की घनी बस्तियों में आतिशबाजी के सामानों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग किया है।
नेता जी का कहना है कि बढ़नी के घनी बस्ती में आतिशबाजी के सामानों की बिक्री उचित नहीं है इसे कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है दीपावली के त्यौहार को ध्यान में रखकर होजरी कराना समेत किताब कांवरियों के दुकान जूता चप्पल की दुकान सभी जगह पटाखे बिक रहे हैं और तो और इन दुकानदारों द्वारा अग्निशमन का कोई भी उपकरण नहीं रखा गया है नेता जी का कहना है कि जिनके पास लाइसेंस वह ही पटाखे बेचे।
शिकायती पत्र को ध्यान में रखते हुए बढ़नी पुलिस चौकी के जवानों ने उपनगर में पटाखे की दुकानों पर छापेमारी की तथा उन्हें बंद कराने का आदेश दिया कहां जाता है कि दुकानदार और पुलिस प्रशासन के बीच लुका छुपी का खेल चल रहा है एक तरफ पुलिस पटाखा बिक्री पर रोक लगाती है तो पुलिस के हटने के तुरंत बाद ही दुकानदार फिर पड़ा का बेचना शुरू कर देते हैं इस प्रकार की दुकान बंद दुकान खोलो अभियान में ग्राहक काफी परेशान हो रहे हैं यह पहला मौका है जब उपनगर के नेताओं ने पुलिस को कायदे कानून लाइसेंस का पाठ पढ़ाया।

