शिवहर: मुस्लिम आरक्षण मोर्चा शिवहर जिला के अध्यक्ष मोहम्मद शमशाद आलम और अब्दुल मन्नान सरफरोशी की अध्यक्षता में बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को ज्ञापन दिया, ज्ञायापन में मुसलमानों की शिक्षा और बिहार में सरकारी नौकरी में आरक्षण देने के लिए मांग कि गई।
आपको बता दें दिनांक 28 अक्टूबर को बिहार के शिवहर जिला में तेजस्वी यादव संविधान बचाओ यात्रा के दौरे पर थे इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल की मजबूत वोट माने जाने वाली समुदाय के लोग एकत्रित हो गए और अपने मांग को लेकर तेजस्वी यादव से मिलने की जिद
पर अड़े रहे काफी मेहनत बाद अंत में तेजस्वी यादव से अध्यक्षता कर रहे मोहम्मद शमशाद आलम और
अब्दुल मन्नान सरफरोशी तीन मांगों को लेकर तेजस्वी यादव को ज्ञापन दिया। तेजस्वी ने मदद का अश्वाशन दिया।
1.मुसलमानों की आर्थिक एवं शैक्षिक बदहाली को देखते हुए मुसलमानों को मुख्यधारा में लाने के लिए शिक्षा एवं रोजगार में 5 प्रतिशत आरक्षण संबंधित बिल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आवाज़ उठाएं और कानून बनाकर मुसलमानों को आरक्षण दिलाएं।
2. मुसलमानों की वक्फ की हुई वाह सारी संपत्तियों पर गैरकानूनी एवं अवैध कब्जा सामाजिक तत्वों द्वारा किया गया है उन्हें राज्य सरकार चिन्हित कर संबंधित वक्फ बोर्ड को नेता प्रतिपक्ष भी वापस दिलाने में और उस स्कूल कॉलेज एवं अस्पताल बनवाने के लिए विधानसभा में आवाज उठाएं।
3. बिहार में मुस्लिम प्रतिशत लगभग 18 परसेंट है इतना अधिक मुसलमानों को बिहार जनसंख्या में भागीदारी होते हुए भी मुसलमान का नृत्य बन्ना ना के बराबर है इसलिए मुसलमानों का नृत्य बढ़ाना चाहिए हमारी मांग आपकी पार्टी से है जो पार्टी 75 सीट मुसलमानों को विधानसभा में देगी हम उसके समर्थन की घोषणा करते हैं।
तेजस्वी यादव को चेतावनी
मुस्लिम आरक्षण मोर्चा ने ज्ञापन में यह भी लिखा अगर हमारे तीनों मांगों को अगर तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी नहीं मानेगी तो मुस्लिम आरक्षण मोर्चा के लोग बिहार में आवाज उठाकर देशव्यापी आंदोलन करेंगे। एक बात आपको और बता दी जाए राष्ट्रीय जनता दल को मुस्लिम वोट एक तरफा जाता है ऐसा कहा जाता है राष्ट्रीय जनता दल मुसलमानों के लिए बेहतर विकल्प के तौर पर होती है पर यह विकल्प कितना सही साबित होगा या आने वाला वक्त बताएगा और क्या राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव क्या मुसलमानों का भरोसा जीतने में कामयाब होंगे , क्या तेजस्वी यादव बिहार के मुसलमानों की आवाज सदन में उठाएंगे यह तो सिर्फ अंदाजा लगाया जा सकता है बाकी नतीजा आने वाले समय पर ही टिका हुआ है।



