वसीम खान बलरामपुर शिक्षा विभाग की लापरवाही या ग्राम प्रधान की मनमानी भुगतान हो जाने के बाद भी नहीं आई प्राथमिक विद्यालय दुल्हिन डीह की जवानी।
केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा शिक्षा अभियान पर जहां रात दिन मेहनत की जा रही है और अथाह बजट दिया जा रहा है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक विद्यालयों में लापरवाही की भरमार है।
जनपद बलरामपुर के शिक्षा क्षेत्र गैसड़ी के ग्राम सभा दुल्हिन डीह में प्राथमिक विद्यालय की हालत बहुत ही जर्जर है जबकि क्षेत्र के अन्य प्राथमिक विद्यालयों में रंगाई पुताई का काम हो चुका है लेकिन यहां प्राथमिक विद्यालय पर लिखा हुआ बोर्ड भी भ्रष्टाचार का शिकार है।
बहुत ही ध्यान से पढ़ने के बाद ही समझ में आता है किे क्या लिखा है 20 छात्रों की उपस्थिति में में 4 गुरुजन तैनात हैं।
11:30 बजे दिन में पहुंचने पर केवल 20 बच्चे ही उपस्थित मिले जबकि रजिस्टर में डेढ़ सौ के ऊपर बच्चे हैं एक गुरु जी बैठे हुए थे तो दूसरे चावल लाने गए थे और बाकी दो अध्यापक अनुपस्थित मिले।
बच्चों द्वारा एवं पड़ोसियों द्वारा पूछे जाने पर यह पता लगा कि केवल दो ही लोग आते हैं कभी-कभी यह भी नहीं आते सर्व शिक्षा अभियान के नाम पर सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे यह अध्यापक गण तो खुश ही हैं वही प्रधान भी स्कूल के नाम पर अपनी झोली गरम कर रहे हैं स्कूल का टूटा फर्श गंदी कालीन एवं टूटे ब्लैक बोर्ड खिड़की दरवाजे तथा जर्जर भवन पूरी तरह से भ्रष्टाचार के शिकार है।



