मोतिहारी :मोतिहारी जिले के मेहसी मे छपरा गोविन्द में मुस्लिम फला बहबूद कमेटी के बैनर तले बिहार के मुसलमानों के मशायल और उनका हल को लेकर एक जन सभा मुनक्किद किया गया जिसमे हज़ारों मुसलमानो ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया।
कार्येक्रम के मुख्य अतिथि नई दिल्ली से आये सर सय्यद माइनॉरिटी फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन सह मुस्लिम आरक्षण मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक श्री परवेज़ सिद्दीकी ने कहा की पूरे देश में मुसलमानो की हालत काफ़ी बद से बदतर होती जा रही है,इसका मुख्य कारण शिक्षा की कमी है,जबतक हम क़ौम के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से नहीं जोड़ेंगे तो क़ौम का विकाश नही होगा ,उन्होंने ने कहा कि आज क़ौम के 2 करोड़ 77 लाख से ज़्यादा बच्चे आज रोड पर हैं इसका जिम्मेदार हम खुद हैं. आज तक सरकारी मदरसों की हालत नही बेहतर होपायी क्यों की हम जुगाड़ से ऐसे लोगों का अपॉइंटमेंट मदरसों में करातें हैं जिन्हे पढाना तक नही आती जिसकी वजह से हम अपनी क़ौम के बच्चे को तालीम से दूर लेते जा रहे हैं।
उन्होंने भारत सरकार की योजना MSDP योजना को बताते हुए कहा कि मिनिस्ट्री ऑफ़ माइनॉरिटी अफेयर्स के तरफ से ईस्ट चंपारण के 1st इन्सटॉलमेंट के तौर पर 2017-2018 के लिए 1,79,58000 आया उर्दू स्कूल के साथ हायर स्कूल खोलने के लिये कितना अमल में आया वो सब को मालूम ही है l ऐसी कई वोकेशनल कोर्सेज वाली योजना बिहार में सही से इम्प्लीमेंट नही हो पा रहा है क्यों की यहाँ कोई पूछने वाला नहीं है l डेटा के हिसाब से देखा जाये तो मुसलमानो के बच्चे प्राइमरी स्कूल में 85 परसेंट रहते हैं धीरे धीरे हायर एजुकेशन में जाते जाते 6 परसेंट हो जाती।
5,600 करोर जो मदरसों के नाम पर ज़कात वसूला जाता वो पैसा कहाँ जाता है,अगर वाक़ेय में यह पैसा मदरसों में सही से लगा दी जाये तो ज़रूरत नही पड़ेगी सरकारी फडों की और मदरसे स्कूल से कम नहीं होंगे।
सरकारी फूंदों की और मदरसे स्कूल से कम नहीं होंगे l
1.5 अरब डॉलर मुसलमानों की जमा ब्याज भारतीय बैंकों में दावा नहीं है ,किसी भी मामले में, चूंकि उल्मा और न्यायविदों की स्वीकृति या अन्यथा बैंक की रुचि के बारे में कोई एकीकृत राय नहीं है, इसलिए उन्हें इस प्रश्न पर एक निर्णय लेना चाहिए जो अब महत्वपूर्ण हो गया है। इस्लामिक फिकह अकादमी जो समय-समय पर समीक्षा करती है और कुरान और सुन्नत के प्रकाश में आधुनिक समय में उत्पन्न होने वाले विभिन्न मुद्दों पर निर्णय लेती है, अब इस समस्या पर चर्चा करनी चाहिए और मुसलमानों के लाभ के लिए इज्तेहाद के माध्यम से निर्णय लेना चाहिए।
सिद्दीकी ने कहा की मेहसी में मुसलमानों की तादाद 19 परसेंट से ज़्यादा इसलिये यहाँ पर एक माइनॉरिटी स्कूल खुलना जरूरी है,इसके लिये सरकार से बात करेंगे l इसके साथ ही साथ बिहार सरकार से मुसलमानों के लिये 5 परसेंट आरक्षण की मांग करते हुए सभा में मुसलमानो से कहा कि सरकार अगर मुसलमानों को आरक्षण नही देती है देश वयापी आन्दोलन के लिये तैयार हो जायें।
परवेज़ सिद्दीकी का काफिला पटना से आने के क्रम में मोतीपुर हाइवे पर और मेहसी के मंग्राही बाजार में हजारों मुसलमानों ने जोरदार स्वागत किया।
सभा का संचालन फैज़ अहमद फैज़ ने किया वहीँ अख़लाक़ा अहमद और तहसीन खान ने सिद्दीकी को बुके और शॉल ओढ़ा कर स्वागत किया मौके पर मुख रुप से नौशाद अहमद,अली इमां कुरैशी,हसन इमाम, शहीद एज़ाज़ तहसीन खान,फिरोज अंसारी वगैरह लोग हज़ारों की तादाद में मौजूद रहे।



