हैदराबाद:मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी में आयोजित जश्ने बहारा कार्यक्रम में छात्र शिखर सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। जिसमे देश भर के विश्वविद्यालयों के छात्र नेताओं ने भाग लिया।
मानू छात्र संघ के अध्यक्ष अताउल्लाह नियाज़ी ने देश से आए तमाम छात्र नेताओं का स्वागत किया साथ ही सभी छात्र नेताओं ने एक साथ मिलकर अल्पसंख्यको व अन्य तमाम मुद्दों पर एक जुट होकर लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया।
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र नेता कवलप्रीत कौर ने शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मौलाना आज़ाद विश्वविद्यालय आकर मौलाना साहब को याद करते है तो साथ ही मौलाना आज़ाद स्कॉलरशिप की याद आती है, जो M.Phil व Phd के छात्रों को दिया जाता था लेकिन केंद्र में बैठी मोदी सरकार ने इसे भी बन्द कर दिया।
कंवलप्रीत ने अल्पसंख्यकों पर बोलते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन जिस तरह से हो रहा है उसके लिए हमे एक साथ आकर लड़ाई लड़नी की ज़रूरत।
मकसुर अहमद उस्मानी ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश का अल्पसंख्यक अब सिर्फ वोट बैंक बन कर रह गया है, हर राजनैतिक पार्टी उन्हें सिर्फ वोट के लिए इस्तेमाल करती है चाहे वह कांग्रेस हो या बीजेपी। उन्होंने कहा की सच्चर कमेटी की रिपोर्ट ने देश के अल्पसंख्यको की दुर्दशा सरकार को बताया लेकिन यूपीए की सरकार ने सिर्फ झूठ बोला उस रिपोर्ट को आधार बना कर कोई काम ही नही किया गया।
शरीफ खान ने मानू छात्र संघ के अध्यक्ष अताउल्लाह निज़ामी व मानू इंतेजामिया का धन्यवाद किया। शरीफ खान ने कहा कि छात्र शिखर सम्मेलन से सिर्फ छात्र नेताओं में एकता व बल नही मिलेगा बल्कि इससे मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी का नाम पूरे भारत में रोशन होगा।
मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनीवर्सिटी के छात्र रह चुके मोहम्मद शरीफ खान, मोहम्मद ताहा, मोहम्मद मुसर्रफ, अनवारुल इस्लाम जाफरी व मोहम्मद परवेज़ ने सम्मेलन की तारीफ की।
मानू छात्र संघ के अध्यक्ष अताउल्लाह नियाज़ी ने देश से आए तमाम छात्र नेताओं का स्वागत किया साथ ही सभी छात्र नेताओं ने एक साथ मिलकर अल्पसंख्यको व अन्य तमाम मुद्दों पर एक जुट होकर लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया।
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र नेता कवलप्रीत कौर ने शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मौलाना आज़ाद विश्वविद्यालय आकर मौलाना साहब को याद करते है तो साथ ही मौलाना आज़ाद स्कॉलरशिप की याद आती है, जो M.Phil व Phd के छात्रों को दिया जाता था लेकिन केंद्र में बैठी मोदी सरकार ने इसे भी बन्द कर दिया।
कंवलप्रीत ने अल्पसंख्यकों पर बोलते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन जिस तरह से हो रहा है उसके लिए हमे एक साथ आकर लड़ाई लड़नी की ज़रूरत।
मकसुर अहमद उस्मानी ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश का अल्पसंख्यक अब सिर्फ वोट बैंक बन कर रह गया है, हर राजनैतिक पार्टी उन्हें सिर्फ वोट के लिए इस्तेमाल करती है चाहे वह कांग्रेस हो या बीजेपी। उन्होंने कहा की सच्चर कमेटी की रिपोर्ट ने देश के अल्पसंख्यको की दुर्दशा सरकार को बताया लेकिन यूपीए की सरकार ने सिर्फ झूठ बोला उस रिपोर्ट को आधार बना कर कोई काम ही नही किया गया।
शरीफ खान ने मानू छात्र संघ के अध्यक्ष अताउल्लाह निज़ामी व मानू इंतेजामिया का धन्यवाद किया। शरीफ खान ने कहा कि छात्र शिखर सम्मेलन से सिर्फ छात्र नेताओं में एकता व बल नही मिलेगा बल्कि इससे मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी का नाम पूरे भारत में रोशन होगा।
मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनीवर्सिटी के छात्र रह चुके मोहम्मद शरीफ खान, मोहम्मद ताहा, मोहम्मद मुसर्रफ, अनवारुल इस्लाम जाफरी व मोहम्मद परवेज़ ने सम्मेलन की तारीफ की।




