सीरिया में दम तोड़ती इंसानियत,पूरा विश्व मौन
सद्दाम खान-इंतज़ार अहमद मिश्रौलिया सिद्धार्थनगर: विभागीय अनदेखी के कारण होरिलापुर घाट से शोहरतगढ़ जाने वाली सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। होरिलापुर घाट के पास अगस्त में आए बाढ़ के कारण जगह जगह से बांध टूट गया था। जिसके बाद गड्ढा मुक्त के नाम पर वहां सिर्फ खेल हुआ।
ग्रामीणों के मुताबिक बाढ़ के बाद इटवा SDM जुबेर बैग व लेखपाल ने मार्ग की जांच की उसके बाद वहां कार्य भी कराया गया। लेकिन मार्ग में बने गड्ढो को रेत व रेतीली मिट्टी से भर दिया गया। जो अब लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन रही है।
तेज धूप होने के कारण अब सड़क की रेत भरी मिट्टी बाहर निकल कर हवा में उड़ रही है। जिससे राहगीरो को मुसीबतो का सामना करना पड़ता है। खासकर उन स्कूली बच्चो को जो हर रोज़ इस मुसीबत का सामना करते हैं।
तस्वीरों में मार्ग की दशा क्या है आप खुद देखें। मिट्टी सड़क से बाहर निकल गई है पूरे सड़क में गड्ढे बन गए है। आए दिन इन गड्ढों में बस ट्रक व स्कूली वहान आपको फसे मिलेंगे। तो वही बाइक सवार बांध के किनारे पटरी से खतरा मोल लेकर सफर करते हैं यदि बाइक थोड़ा सा भी अनियंत्रित हुई तो 20 फिट नीचे खाई में जा पहुँचेगी।
इन बुनियादी समस्याओं से प्रशासन व जन प्रतिनिधियों से कोई मतलब ही नही है महीनों से लोग इसी परेशानियों से जूझ रहे है ना तो प्रशासन की नज़र इस पर जा रही है ना ही बड़े बड़े वादे कर वोट लेने वालों नेताओं की।
परेशानी को देखते हुए ग्राम प्रधान अब्दुल अलीम, अत्ताउल्लाह, राम सुभाष, बाल गोविंद, आमीर उल्लाह रामनरेश, राजमन, शाह आलम मोहम्मद रफीक, अब्दुल रशीद, शकील अहमद परमानंद आशिक अली आदि लोग प्रशासन से बांध के कार्य का कराने की मांग की।
ग्रामीणों के मुताबिक बाढ़ के बाद इटवा SDM जुबेर बैग व लेखपाल ने मार्ग की जांच की उसके बाद वहां कार्य भी कराया गया। लेकिन मार्ग में बने गड्ढो को रेत व रेतीली मिट्टी से भर दिया गया। जो अब लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन रही है।
तेज धूप होने के कारण अब सड़क की रेत भरी मिट्टी बाहर निकल कर हवा में उड़ रही है। जिससे राहगीरो को मुसीबतो का सामना करना पड़ता है। खासकर उन स्कूली बच्चो को जो हर रोज़ इस मुसीबत का सामना करते हैं।
तस्वीरों में मार्ग की दशा क्या है आप खुद देखें। मिट्टी सड़क से बाहर निकल गई है पूरे सड़क में गड्ढे बन गए है। आए दिन इन गड्ढों में बस ट्रक व स्कूली वहान आपको फसे मिलेंगे। तो वही बाइक सवार बांध के किनारे पटरी से खतरा मोल लेकर सफर करते हैं यदि बाइक थोड़ा सा भी अनियंत्रित हुई तो 20 फिट नीचे खाई में जा पहुँचेगी।
इन बुनियादी समस्याओं से प्रशासन व जन प्रतिनिधियों से कोई मतलब ही नही है महीनों से लोग इसी परेशानियों से जूझ रहे है ना तो प्रशासन की नज़र इस पर जा रही है ना ही बड़े बड़े वादे कर वोट लेने वालों नेताओं की।
परेशानी को देखते हुए ग्राम प्रधान अब्दुल अलीम, अत्ताउल्लाह, राम सुभाष, बाल गोविंद, आमीर उल्लाह रामनरेश, राजमन, शाह आलम मोहम्मद रफीक, अब्दुल रशीद, शकील अहमद परमानंद आशिक अली आदि लोग प्रशासन से बांध के कार्य का कराने की मांग की।


