मोहम्मद आरिफ खान-पुर्वांचल खबर
सीरिया के आसमान में इन दिनों लड़ाकू विमान, मिसाइलें और बमबारी का धुआँ दिखाई देता है। विद्रोहियों के खिलाफ रूस के समर्थन से बसर अल असद की सरकार मानवता को पूरी तरह रौंद रही हैं। लेकिन पूरी दुनिया अचानक से खामोश हो गई।
सीरिया में पिछले पांच दिनों में लगभग 450 से अधिक बेगुनाह लोग मारे जा चुके हैं। इसमे मासूम बच्चों और महिलाओं की बड़ी संख्या है। साथ ही इन हमलो में लगभग 2400 से अधिक लोग घायल हुए है। इलाज़ के अभाव में लोग दम तोड़ रहे हैं। मानवता को इस तरह रौंदा जा रहा है की हैवानियत भी शर्मिंदा हो जाए।
पिछले चार दिनों में सैकड़ो बच्चों के जिस्मों के टुकड़े हो चुके हैं। उनके लिए किसी को कोई अहसास नही शायद इसलिए की वे मुसलमान हैं।
आज सारी दुनिया खामोश है, इन बेगुनाह मासूमो के लिए कोई आवाज़ उठाने वाला नही है।सीरिया के आसमान में इन दिनों लड़ाकू विमान, मिसाइलें और बमबारी का धुआँ दिखाई देता है। विद्रोहियों के खिलाफ रूस के समर्थन से बसर अल असद की सरकार मानवता को पूरी तरह रौंद रही हैं। लेकिन पूरी दुनिया अचानक से खामोश हो गई।
सीरिया के आसमान में इन दिनों लड़ाकू विमान, मिसाइलें और बमबारी का धुआँ दिखाई देता है। विद्रोहियों के खिलाफ रूस के समर्थन से बसर अल असद की सरकार मानवता को पूरी तरह रौंद रही हैं। लेकिन पूरी दुनिया अचानक से खामोश हो गई।
सीरिया में पिछले पांच दिनों में लगभग 450 से अधिक बेगुनाह लोग मारे जा चुके हैं। इसमे मासूम बच्चों और महिलाओं की बड़ी संख्या है। साथ ही इन हमलो में लगभग 2400 से अधिक लोग घायल हुए है। इलाज़ के अभाव में लोग दम तोड़ रहे हैं। मानवता को इस तरह रौंदा जा रहा है की हैवानियत भी शर्मिंदा हो जाए।
पिछले चार दिनों में सैकड़ो बच्चों के जिस्मों के टुकड़े हो चुके हैं। उनके लिए किसी को कोई अहसास नही शायद इसलिए की वे मुसलमान हैं।
आज सारी दुनिया खामोश है, इन बेगुनाह मासूमो के लिए कोई आवाज़ उठाने वाला नही है।सीरिया के आसमान में इन दिनों लड़ाकू विमान, मिसाइलें और बमबारी का धुआँ दिखाई देता है। विद्रोहियों के खिलाफ रूस के समर्थन से बसर अल असद की सरकार मानवता को पूरी तरह रौंद रही हैं। लेकिन पूरी दुनिया अचानक से खामोश हो गई।
ऐसे में जब पूरी दुनिया में प्रत्येक धर्म के लोग अपने अपने धर्मो को श्रेष्ठ बताने में लगे, खुद के धर्म को श्रेष्ठ बताने की होड़ लगी हुई है। मानवता को लेकर बड़े बड़े व्यख्यान दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर तैर रही दम तोड़ती मासूम किलकारियों ने पूरे मन को झकझोर दिया है। लेकिन पूरे दुनिया में मानवता और शांति के लिए काम करने वाले संगठन मौन हैं। विश्व शांति के लिए बनाई गई सबसे बड़ी संस्था आज यूएन आज चुप्पी तोड़ने को तैयार नही, आखिर क्यों?
सीरिया में इंसानियत दम तोड़ रही है पर विश्व समुदाय का मौन रहना यह साबित करता है कि लोगों की इंसानियत धर्म देख कर जागती है।
सीरिया में हुए कत्लेआम के शिकार बच्चों की तस्वीरें देख आंखे नम हो गई। तस्वीरे विचलित कर रही है हालात तस्वीरों से भी ज्यादा भयावह और खतरनाक हैं। मानवता को पूरी दुनिया के सामने रौंदा जा रहा है लेकिन अफसोस की आज इस कत्लेआम पर पूरी दुनिया खामोश है।
सीरिया में हुए कत्लेआम के शिकार बच्चों की तस्वीरें देख आंखे नम हो गई। तस्वीरे विचलित कर रही है हालात तस्वीरों से भी ज्यादा भयावह और खतरनाक हैं। मानवता को पूरी दुनिया के सामने रौंदा जा रहा है लेकिन अफसोस की आज इस कत्लेआम पर पूरी दुनिया खामोश है।




