बस्ती हर्रैया तहसील मे साँप छोड़ कर चर्चा मे आए दुबौलिया थाना अंतर्गत ग्राम लारा पिपरौल के रहने वाले सपेरे हुक्कुल की सोमवार को मौत हो गई. जिन साँपो के साथ हुक्कुल बच्चों की तरह खेलते वहीं उनके मौत का कारण बन गया.
सोमवार को साँपो के सरताज हक्कुल पड़ोस के गाँव से पकड़े गए कोबरा को गले मे लपेटे घर आ रहे थे.अचानक उनके कान के पास साँप ने डस लिया. वह अपनी साईकिल से घर की तरफ भागे घर पहुँचकर हक्कुल जब तक अपने हाथो से तैयार की गई जड़ी बूटी का सेवन करते वह नीचे गिरे फिर दोबारा नहीं उठे. हालत गम्भीर देख परिजन हुक्कुल को लेकर सीएचसी कप्तानगंज पहुंचे जहाँ डाक्टरों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया.
नम्वंबर 2011 मे हर्रैया तहसील मे अपने मित्र रामचेत के साथ तीन दर्जन साँपो को तहसील परिसर मे छोड़ दिया था.सापों के पालने व रहने के लिए जमीन पट्टा नहीं दिए जाने से हुक्कुल काफी नाराज थे. हक्कुल का यह कारनामा बस्ती ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश मे चर्चा का विषय बना था. कुछ दिन बाद ही उन्हे पट्टे की जमीन दे दी गई थी.
मौत के बाद साँपो को लेने पहुंची एनजीओ
हक्कुल के मौत के बाद बाराबंकी की एक एनजीओ उनके साँपो को लेने पहुंच गई. एनजीवो के मुताबिक बस्ती के डीएफओ के आदेश पर वह साँपो को लेने आए हैं.
तहसील परिसर मे साँप छोड़ चर्चा मे आए हक्कुल
नम्वंबर 2011 मे हर्रैया तहसील मे अपने मित्र रामचेत के साथ तीन दर्जन साँपो को तहसील परिसर मे छोड़ दिया था.सापों के पालने व रहने के लिए जमीन पट्टा नहीं दिए जाने से हुक्कुल काफी नाराज थे. हक्कुल का यह कारनामा बस्ती ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश मे चर्चा का विषय बना था. कुछ दिन बाद ही उन्हे पट्टे की जमीन दे दी गई थी.
मौत के बाद साँपो को लेने पहुंची एनजीओ
हक्कुल के मौत के बाद बाराबंकी की एक एनजीओ उनके साँपो को लेने पहुंच गई. एनजीवो के मुताबिक बस्ती के डीएफओ के आदेश पर वह साँपो को लेने आए हैं.

