मोहम्मद आरिफ सिद्धार्थनग तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत खैरी उर्फ झुंगहवा व मटियार ऊर्फ भुतहवा के बीच बूढ़ी राप्ती की भंयकर कटान से त्रस्त ग्रामीणों ने कटान पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने समय रहते ही इस समस्या के समाधान की मांग की।
खैरी उर्फ झुंगहवा व मटियार ऊर्फ भुतहवा के बीच बूढ़ी राप्ती नदी के कटान से प्रतिवर्ष ग्रामीणों को भारी तबाही का सामना करना पड़ता है। बीते बरसात मे नदी के उग्र तेवर से कठेला-तुलसियापुर मार्ग पर 30 मीटर रोड़ कट गया जिससे पानी का पूरा दबाव हजारों एकड़ फसल व गाँव पर पड़ा। पानी के दबाव के कारण हजारों एकड़ फसल बर्बाद हुआ व कई घर गिर गए जिसमे हरिहर पुत्र बेक्कर, सुग्रीम पुत्र झगरू व सुदामा पुत्र बेक्कर व बिफ्फन पुत्र गरीब आदि लोगों का घर पूरी तरह बाढ़ मे ध्वस्त हो गया। जिन्हे अभी तक बाढ़ राहत आपदा के तहत नए मकान का धन भी उपलब्ध नहीं कराया गया। वर्तमान समय मे यह लोग प्रशासन के लापरवाही के कारण भीषण ठंड मे तिरपाल तान खुले आसमान के नीचे गुजर बसर कर रहे हैं। जिससे ग्रामीणों मे भारी रोष व्याप्त है। समाजसेवी मसूद आलम के नेतृत्व मे ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जिला स्तर तक आंदोलन किया जाएगा।
गाँव निवासी भासपा नेता दीपक राजभर ने इस समस्या को लेकर शोहरतगढ़ विधायक से बात किया था और गाँव की इस समस्या से उन्हें अवगत कराया लेकिन अभी तक इस पर विधायक की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
नदी मे डालने के लिए बने बोल्डर पिछले चार सालों से इंद्रावती पत्नी बेचन के खेत मे पड़ा हुआ है। जिससे एक गरीब किसान के खेत पर सरकारी कब्जा बना हुआ है। ग्रामीणों ने सरकार से मुआवजे की मांग की।
इस मौके पर मसूद आलम (वरिष्ठ समाजसेवी), दीपक राजभर, रामदीहल, जगराम राजभर, राकेश भारद्वाज, प्रभु, सद्दाम, कैलाश, दयाराम, जोखन, सोमई, पुजारी, मुनीराम, रम्मल, सुदामा, अनिल, शिवकरन यादव, अब्दुलरहमान, अल्ताफ, श्यामलाल निषाद, लतीफ, रामकिशोर, पूर्व प्रधान राधे श्याम चौधरी (बोरट), आसिफ मसूद, राजू पासवान, रवि राजभर, रामरतन, राम प्रसाद राजभर, अक्षैवर राजभर आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
खैरी उर्फ झुंगहवा व मटियार ऊर्फ भुतहवा के बीच बूढ़ी राप्ती नदी के कटान से प्रतिवर्ष ग्रामीणों को भारी तबाही का सामना करना पड़ता है। बीते बरसात मे नदी के उग्र तेवर से कठेला-तुलसियापुर मार्ग पर 30 मीटर रोड़ कट गया जिससे पानी का पूरा दबाव हजारों एकड़ फसल व गाँव पर पड़ा। पानी के दबाव के कारण हजारों एकड़ फसल बर्बाद हुआ व कई घर गिर गए जिसमे हरिहर पुत्र बेक्कर, सुग्रीम पुत्र झगरू व सुदामा पुत्र बेक्कर व बिफ्फन पुत्र गरीब आदि लोगों का घर पूरी तरह बाढ़ मे ध्वस्त हो गया। जिन्हे अभी तक बाढ़ राहत आपदा के तहत नए मकान का धन भी उपलब्ध नहीं कराया गया। वर्तमान समय मे यह लोग प्रशासन के लापरवाही के कारण भीषण ठंड मे तिरपाल तान खुले आसमान के नीचे गुजर बसर कर रहे हैं। जिससे ग्रामीणों मे भारी रोष व्याप्त है। समाजसेवी मसूद आलम के नेतृत्व मे ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जिला स्तर तक आंदोलन किया जाएगा।
गाँव निवासी भासपा नेता दीपक राजभर ने इस समस्या को लेकर शोहरतगढ़ विधायक से बात किया था और गाँव की इस समस्या से उन्हें अवगत कराया लेकिन अभी तक इस पर विधायक की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
![]() |
| कटान पर मौजूद ग्रामीण |
नदी मे डालने के लिए बने बोल्डर पिछले चार सालों से इंद्रावती पत्नी बेचन के खेत मे पड़ा हुआ है। जिससे एक गरीब किसान के खेत पर सरकारी कब्जा बना हुआ है। ग्रामीणों ने सरकार से मुआवजे की मांग की।
![]() |
| पिछले चार सालों से एक गरीब के खेत मे पड़ा बोल्डर |
इस मौके पर मसूद आलम (वरिष्ठ समाजसेवी), दीपक राजभर, रामदीहल, जगराम राजभर, राकेश भारद्वाज, प्रभु, सद्दाम, कैलाश, दयाराम, जोखन, सोमई, पुजारी, मुनीराम, रम्मल, सुदामा, अनिल, शिवकरन यादव, अब्दुलरहमान, अल्ताफ, श्यामलाल निषाद, लतीफ, रामकिशोर, पूर्व प्रधान राधे श्याम चौधरी (बोरट), आसिफ मसूद, राजू पासवान, रवि राजभर, रामरतन, राम प्रसाद राजभर, अक्षैवर राजभर आदि ग्रामीण मौजूद रहे।



