सिद्धार्थनगर बढ़नी -ढेबरूआ मार्ग जो पिछले कई सालो से खस्ताहाल स्थिति मे है। जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। इस रोड़ की हालत इतनी दयनीय है कि वहां से वाहन चलकर नही रेंगकर गुजरते है। सरकारे बदल गई लेकिन रोड़ की स्थिति मे कोई सुधार नहीं हुआ। जिसके चलते रोड़ पर बने गहरे गड्ढों के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। नेपाल के कारण जहां भारी मात्रा मे ट्रको का आना जाना लगा रहता है रोड़ के एक तरफ बढनी से दुधवानिया गांव तक ट्रकों की लम्बी कतार लग जाती है जिससे इस रोड़ पर चलना दूभर हो गया है।
कहने को तो राष्ट्रीय रार्जमार्ग है लेकिन इसकी दशा गांव के कच्ची सड़क से बदतर है। सड़को मे इतने बडे़ गड्ढे बन गए है कि उन गड्ढो मे मछली पालन किया जा सकता है। रोड़ को लेकर कई बार आंदोलन भी हुए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हम आपको बता दें की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ भी इस मार्ग पर कई बार सफर कर चुके ऐसे मे प्रदेश मे सरकार बनने के बाद लोगों मे एक उम्मीद जगी लेकिन वह उम्मीद भी अब टूटती नजर आ रही है। क्षेत्र के सांसद जगदम्बिका पाल पिछली सरकार मे भी सांसद थे और अब भाजपा से सांसद हैं उन्हे भी कई बार इस रोड़ की दुर्दशा से अवगत कराया गया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
औद्योगिक इकाई से देखा जाए, तो बड़ी संख्या मे नेपाल जाने वाले ट्रकों से समय पर टैक्स भी वसूला जाता है। रोड़ मे बने बड़े गड्ढों के कारण ट्रकों का संतुलन बिगडने की से कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है। लेकिन फिर भी सरकार या प्रशासनिक अधिकारियों का इस रोड़ की मैंटेनैंस की बात आती है तो खानापूर्ति के नाम पर अपना पल्ला झाड़ते हुए दरकिनार कर दिया जाता है। जिसके चलते यहाँ स्थिति सुधरने से पहले बिगड़ जाती है।

