सिद्धार्थनगर जिले के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब चीताही नहर के पास ग्रामीणों ने एक नरकंकाल पड़ा देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से मिले आधार कार्ड के आधार पर मृतक की पहचान डुमरियागंज थाना क्षेत्र के धनोरी गांव निवासी 60 वर्षीय जवाहिर गौतम के रूप में हुई, जो पिछले 15 दिनों से लापता थे।
आधार कार्ड से खुली पहचान की गुत्थी
पुलिस को कंकाल के पास कुछ कपड़े और एक आधार कार्ड मिला, जिससे मृतक की पहचान संभव हो सकी। पहचान होने के बाद पुलिस ने तत्काल परिजनों को सूचना दी। परिजनों के पहुंचने पर उन्होंने भी जवाहिर गौतम होने की पुष्टि की।
शादी में बैंड बजाने गए थे, फिर नहीं लौटे
परिजनों ने बताया कि जवाहिर गौतम पेशे से बैंड वादक थे। 5 फरवरी को वह भड़रिया गांव में एक शादी समारोह में बैंड बजाने गए थे, लेकिन कार्यक्रम खत्म होने के बाद घर वापस नहीं पहुंचे। काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला, जिसके बाद परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
पुलिस ने नरकंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार शव काफी पुराना हो चुका है और सिर्फ कंकाल ही बचा है, इसलिए मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों और शादी समारोह में शामिल साथियों से पूछताछ कर रही है। शुरुआती तौर पर मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस हत्या व दुर्घटना दोनों एंगल से जांच में जुटी है।

