विनोद चौधरी शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर: बुद्ध की धरती पर जहां जनता शांति का प्रतीक है वही कुछ चंद अधिकारियों द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण भारतीय स्टेट बैंके शोहरतगढ़ है। शोहरतगढ़ में स्टेट बैंक आफ इंडिया के कर्मियों की मनमानी व लापरवाही के चलते उपभक्ताओं को काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। बैंक की लचर प्रणाली के चलते एटीएम शो पीस साबित हो रहें हैं।
सूत्रों के मुताबिक एसबीआई शोहरतगढ़ शाखा में कर्मियों के लापरवाही का आलम ये है कि एक खाता खुलवाने के लिए उपभोक्ताओं को कई बार बैंक दौड़ना पड़ता है। एटीएम, चेकबुक व अन्य सेवाओं के लिए फॉर्म तो भरवा लिया जाता है लेकिन जल्दी कोई काम नही होता हैं।
लेन देन को लेकर भी उपभोक्ताओं के सामने बड़ी समस्या है आए दिन बैंक कर्मी सर्वर डाउन का हवाला देकर बैंक का सारा काम बंद कर दिया जाता है।
उपभोक्ताओं के साथ बैंक कर्मियों का व्यवहार भी ठीक नही हैं।
बैंकों द्वारा उपभोक्ताओं को निकासी के सुविधा के लिए एटीएम केंद्र की स्थापना की गई थी। जिससे उपभोक्ता 24 घण्टे जरूरत के अनुसार रुपया निकाल सके। लेकिन बैंक के लचर व्यवस्था के कारण एटीम सिर्फ शो पीस साबित हो रहा।
उपभोगताओं के मुताबिक आधार कार्ड लिंक कराने के लिए कई बार आधार कार्ड देना पड़ता है वही खाता खुलवाने के लिए कई दिनों तक चक्कर लगाना पड़ता है।
आरोप ये भी है कि बैंक के डिप्टी मैनेजर मनोज श्रीवास्तव ड्यूटी के दौरान नशे में धुत्त रहते है और बैंक आने वाले उपभोक्ताओं से अभद्र व्यवहार करते हैं।
ऐसी सूरत में तहसील मुख्यालय का मुख्य शाखा होने के कारण यहां के बैंक उपभोक्ता काफी परेशान है।अधिकारियों व कर्मचारियों के ऊपर उचित कार्यवाही करना चाहिए जिससे बैंक व्यवस्था सुधर सके।
बैंक की ऐसी स्थिति दयनीय हैं
उपभोक्ता परेशान हैं अगर जल्दी बैंक में सुधार ना हुआ तो उपभोक्ता आंदोलन के बाध्य होंगे!
सूत्रों के मुताबिक एसबीआई शोहरतगढ़ शाखा में कर्मियों के लापरवाही का आलम ये है कि एक खाता खुलवाने के लिए उपभोक्ताओं को कई बार बैंक दौड़ना पड़ता है। एटीएम, चेकबुक व अन्य सेवाओं के लिए फॉर्म तो भरवा लिया जाता है लेकिन जल्दी कोई काम नही होता हैं।
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| मशीन खराब है |
उपभोक्ताओं के साथ बैंक कर्मियों का व्यवहार भी ठीक नही हैं।
बैंकों द्वारा उपभोक्ताओं को निकासी के सुविधा के लिए एटीएम केंद्र की स्थापना की गई थी। जिससे उपभोक्ता 24 घण्टे जरूरत के अनुसार रुपया निकाल सके। लेकिन बैंक के लचर व्यवस्था के कारण एटीम सिर्फ शो पीस साबित हो रहा।
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| शो पीस बने एटीएम |
आरोप ये भी है कि बैंक के डिप्टी मैनेजर मनोज श्रीवास्तव ड्यूटी के दौरान नशे में धुत्त रहते है और बैंक आने वाले उपभोक्ताओं से अभद्र व्यवहार करते हैं।
ऐसी सूरत में तहसील मुख्यालय का मुख्य शाखा होने के कारण यहां के बैंक उपभोक्ता काफी परेशान है।अधिकारियों व कर्मचारियों के ऊपर उचित कार्यवाही करना चाहिए जिससे बैंक व्यवस्था सुधर सके।
बैंक की ऐसी स्थिति दयनीय हैं
उपभोक्ता परेशान हैं अगर जल्दी बैंक में सुधार ना हुआ तो उपभोक्ता आंदोलन के बाध्य होंगे!



