इंतजार अहमद मिश्रोलिया क्षेत्र के पंचायत चेतिया के टोला भटपुरवा में बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के जीवन पर प्रकाश एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया
रविवार रात 2 बजे तक कार्यक्रम चला जिसमें मंचन के कलाकारों बाबा साहब अम्बेडकर के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान बाबा साहब अंबेडकर और तथागत भगवान गौतम बुद्ध की पूजा अर्चना कर पुष्प अर्पित किया गया जहां लोगों ने त्रिशरण और पंचशील ग्रहण किया।
मंचन के दौरान कलाकारों ने बताया बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए और कहा डॉक्टर भीमराव अंबेडकर भारतीय इतिहास के एकलौते व्यक्ति हैं जिन्होंने दलितों, वंचितों और महिलाओं को सामाजिक अधिकार दिलाने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने बाबा साहब के बातों को याद दिलाते हुए कहा बाबा साहब अंबेडकर ने कहा था मैं रात भर इसलिए जागता हूं क्योंकि मेरा समाज सो रहा है।
कलाकारों ने बताया बाबा साहब दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और दलितों सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया श्रमिकों और महिलाओं के अधिकार का समर्थन किया और कहा कि उन्होंने केवल दलितों पिछड़ों महिलाओं के साथ सभी वर्गों के विकास के लिए अपना जीवन समर्पित किया बाबा साहब के बातों को याद दिलाते हुए कहा कि जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए हम सबसे पहले और अंत में भारतीय हैं
इस अवसर पर रामू गौतम, राजेश पासवान, शनि गौतम, जय भीम, अशोक कुमार जवाहरलाल सुभाष, मोतीलाल, विक्रम बौद्ध, रामविलास, जयश्री, भीमराव, राहुल, यदुराज, छांगुर, राममिलन, मुन्नर, रामकुमार, महेंद्र, शिव प्रसाद के साथ और भी लोग मौजूद रहे।
रविवार रात 2 बजे तक कार्यक्रम चला जिसमें मंचन के कलाकारों बाबा साहब अम्बेडकर के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान बाबा साहब अंबेडकर और तथागत भगवान गौतम बुद्ध की पूजा अर्चना कर पुष्प अर्पित किया गया जहां लोगों ने त्रिशरण और पंचशील ग्रहण किया।
मंचन के दौरान कलाकारों ने बताया बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए और कहा डॉक्टर भीमराव अंबेडकर भारतीय इतिहास के एकलौते व्यक्ति हैं जिन्होंने दलितों, वंचितों और महिलाओं को सामाजिक अधिकार दिलाने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने बाबा साहब के बातों को याद दिलाते हुए कहा बाबा साहब अंबेडकर ने कहा था मैं रात भर इसलिए जागता हूं क्योंकि मेरा समाज सो रहा है।
कलाकारों ने बताया बाबा साहब दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और दलितों सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया श्रमिकों और महिलाओं के अधिकार का समर्थन किया और कहा कि उन्होंने केवल दलितों पिछड़ों महिलाओं के साथ सभी वर्गों के विकास के लिए अपना जीवन समर्पित किया बाबा साहब के बातों को याद दिलाते हुए कहा कि जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए हम सबसे पहले और अंत में भारतीय हैं
इस अवसर पर रामू गौतम, राजेश पासवान, शनि गौतम, जय भीम, अशोक कुमार जवाहरलाल सुभाष, मोतीलाल, विक्रम बौद्ध, रामविलास, जयश्री, भीमराव, राहुल, यदुराज, छांगुर, राममिलन, मुन्नर, रामकुमार, महेंद्र, शिव प्रसाद के साथ और भी लोग मौजूद रहे।

