बढ़नी सिद्धार्थनगर शनिवार रात लगभग आठ बजे एसएसबी 50वी वाहिनी को मुखबिर द्वारा सूचना मिली की एक मिनी ट्रक 50 बोरा सुपारी लादकर नेपाल के सिरसिहवा गांव में खड़ा है। जो मौका देखकर घरुवार के रास्ते भारत में प्रवेश करेगा।
सूचना के आधार पर नेपाल से भारत आने वाले सभी अनाधिकृत रास्तो की तुरन्त नाकाबंदी कर दि गयी। घरुवार गांव से जाने वाले रास्ते से पर तैनात जवानों को भारत की ओर आता दिखाई दिया। तो उन्होंने वाहन रोकने का प्रयास किया लेकिन चालक वाहन रोकने के बजाय और तेज़ चलाने लगा। इस पर एसएसबी ने स्पाइकर लगा कर वाहन को पंचर करने का प्रयास किया। अगले दोनो टायर पंचर होने के बावजूद चालक वाहन को लेकर माधवनगर गांव की तरफ भाग निकला।
एसएसबी की टीम ने जब मधवानगर व आसपास के इलाके की तलाशी ली तो उक्त वाहन मधवानगर गांव के बाहर एक निर्माणाधीन इमारत के पीछे खड़ी मिली।
वाहन की तलाशी लेने के पर 60-60 किलो की 50 बोरियों में 30 कुंटल सुपारी बरामद हुई। वाहन में रखे कागज़ात की तलाशी से पता चला की वाहन का मालिक रवि सैनी पुत्र घनशयाम सैनी निवासी मकान संख्या 544 हुमायुपुर उत्तरी गोरखपुर की है। वाहन चालक संतोष राय पुत्र माया शंकर निवासी वीरपुर गाज़ीपुर का है।
वाहन से बरामद सुपारी को हिरासत में लेकर कस्टम अधीक्षक बढ़नी के हवाले दिया गया व सुपारी की कुल कीमत 12 लाख रुपये आकी जा रही है।
सूचना के आधार पर नेपाल से भारत आने वाले सभी अनाधिकृत रास्तो की तुरन्त नाकाबंदी कर दि गयी। घरुवार गांव से जाने वाले रास्ते से पर तैनात जवानों को भारत की ओर आता दिखाई दिया। तो उन्होंने वाहन रोकने का प्रयास किया लेकिन चालक वाहन रोकने के बजाय और तेज़ चलाने लगा। इस पर एसएसबी ने स्पाइकर लगा कर वाहन को पंचर करने का प्रयास किया। अगले दोनो टायर पंचर होने के बावजूद चालक वाहन को लेकर माधवनगर गांव की तरफ भाग निकला।
एसएसबी की टीम ने जब मधवानगर व आसपास के इलाके की तलाशी ली तो उक्त वाहन मधवानगर गांव के बाहर एक निर्माणाधीन इमारत के पीछे खड़ी मिली।
वाहन की तलाशी लेने के पर 60-60 किलो की 50 बोरियों में 30 कुंटल सुपारी बरामद हुई। वाहन में रखे कागज़ात की तलाशी से पता चला की वाहन का मालिक रवि सैनी पुत्र घनशयाम सैनी निवासी मकान संख्या 544 हुमायुपुर उत्तरी गोरखपुर की है। वाहन चालक संतोष राय पुत्र माया शंकर निवासी वीरपुर गाज़ीपुर का है।
वाहन से बरामद सुपारी को हिरासत में लेकर कस्टम अधीक्षक बढ़नी के हवाले दिया गया व सुपारी की कुल कीमत 12 लाख रुपये आकी जा रही है।


