सिद्धार्थनगर:दूषित पानी पीने को मजबूर थे ग्रामीण, नवजीवन संगठन के पहल से बदली तस्वीर


सिद्धार्थनगर:विकासखंड इटवा अंतर्गत ग्राम पंचायत बजराभारी टोला गदुरहिया के लोग दूषित जल पीने को मजबूर हैं। गांव में लगे सरकारी हैंडपंप के आसपास दूषित जल जमाव ग्रामीणों व राहगीरों के लिए मुसीबत बना हुआ था लेकिन विभागीय अधिकारी व कर्मचारी सिर्फ आंकडों की बाजीगरी करने में माहिर है। 

 पेयजल की इस गम्भीर समस्या पर किसी अधिकारी, कर्मचारी व प्रधान की नजर नहीं पड़ी जिसके बाद गांव के ही समाजसेवी निजामुद्दीन खान ने आम लोगों की समस्या को देखते हुए हैंडपंप के आसपास साफ-सफाई का काम करवा कर नए फाउंडेशन और नाली का निर्माण कराया जिसके बाद हैंडपम्म की तस्वीर बदल गई।

हम आपको दें कि गांव के गदुरहिया बढुंईया जाने वाले मुख्य मार्ग पर सरकारी हैंडपंप लगा है। हैंडपंप चारों तरफ से दूषित जल से घिरा हुआ था। हालात ये था कि ग्रामीण व राहगीर दूषित जल में पीने के लिए स्वच्छ जल के लिए संक्रामक बीमारियों के खतरे के बीच उस हैंडपंप का पानी पीने को मजबूर थे। 

दूषित पानी पीने से गांव में किसी भी तरह की संक्रामक बिमारी ना फैलें इसके लिए नवजीवन युवा एकता संगठन सिद्धार्थनगर अध्यक्ष -चन्द्रिका प्रसाद (युवा समाज सेवी निजामुद्दीन खान) सरफुद्दीन खान, सनाउल्लाह, आकाश चौहान, पितई चौहान, कपिल निषाद, शिव शंकर चौहान, अशोक चौहान, शिव कुमार, अभिमन्यु निषाद, निधई निषाद, ब्रम्हा चौहान एवं समस्त ग्रामवासी जलनिकासी के लिए नाली निर्माण एवं पर्याप्त साफ-सफाई अपने संगठन के द्वारा कराया। दूषित जल पीने से छुटकारा दिलाने के लिए किए गए कार्य के ग्रामीणों ने संगठन के कामों को सराहा।

चुनाव में स्वच्छ जल मुख्य मुद्दा बनता है और इस पर सरकार करोड़ो रूपए खर्च भी करती है लेकिन सरकारी कर्मचारी सिर्फ कागजी आंकडों में बाजीगर बन जाते है जमीन पर इसकी हकीकत की पड़ताल की जाए तो कागजी आंकड़ो की पोल खुल जाएगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ