सद्दाम खान
बस्ती मण्डल के ताकतवर, जमीनी नेता व संतकबीरनगर जिले के पूर्व सांसद भालचंद्र यादव शुक्रवार निधन हो गया. उन्होंने गुडगांवा के मेदांता अस्पताल में शुक्रवार की दोपहर लगभग 2ः30 बजे अंतिम सांस ली.
भालचंद यादव संतकबीरनगर के भगता गांव के निवासी थे। उनका स्वास्थ्य पीलिया बीमारी हो जाने के कारण काफी दिनों से खराब था। इलाज के लिए गुडगांवा के मेदांता अस्पताल में वह पिछले कई दिनों से भर्ती थे.
डॉक्टरों के मताबिक बुधवार की सुबह से ही उनका स्वास्थ्य ज्यादा खराब हो गया था। गुरूवार की सुबह हालत गंभीर देख वहां के डॉक्टरों ने उन्हें वेंटीलेटर पर रख दिया. शुक्रवार की सुबह में उनकी हालत और नाजुक होने लगी. अंत में 2ः30 बजे उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कर दिया.
भालचंद्र यादव का जन्म 1 जुलाई 1958 को भगता गाँव में हुआ था. एक भारतीय राजनीतिज्ञ के तौर पर दो बार उत्तर प्रदेश में खलीलाबाद (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) के सांसद रहे हैं. बीते लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस की टिकिट पर चुनाव लडे थे.
सिद्धार्थनगर जिले से भी उनके गहरे राजनीतिक संबंध थे।
इस खबर को सुनकर पूरे जिले में शोक की लहर दौड पडी. हर कोई इस समाचार को सुनकर स्तब्ध हो गया. क्या सत्ता और क्या विपक्ष सभी ने उन्हें भावभीनी श्रदृधांजलि दी.
बस्ती मण्डल के ताकतवर, जमीनी नेता व संतकबीरनगर जिले के पूर्व सांसद भालचंद्र यादव शुक्रवार निधन हो गया. उन्होंने गुडगांवा के मेदांता अस्पताल में शुक्रवार की दोपहर लगभग 2ः30 बजे अंतिम सांस ली.
भालचंद यादव संतकबीरनगर के भगता गांव के निवासी थे। उनका स्वास्थ्य पीलिया बीमारी हो जाने के कारण काफी दिनों से खराब था। इलाज के लिए गुडगांवा के मेदांता अस्पताल में वह पिछले कई दिनों से भर्ती थे.
डॉक्टरों के मताबिक बुधवार की सुबह से ही उनका स्वास्थ्य ज्यादा खराब हो गया था। गुरूवार की सुबह हालत गंभीर देख वहां के डॉक्टरों ने उन्हें वेंटीलेटर पर रख दिया. शुक्रवार की सुबह में उनकी हालत और नाजुक होने लगी. अंत में 2ः30 बजे उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कर दिया.
भालचंद्र यादव का जन्म 1 जुलाई 1958 को भगता गाँव में हुआ था. एक भारतीय राजनीतिज्ञ के तौर पर दो बार उत्तर प्रदेश में खलीलाबाद (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) के सांसद रहे हैं. बीते लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस की टिकिट पर चुनाव लडे थे.
सिद्धार्थनगर जिले से भी उनके गहरे राजनीतिक संबंध थे।
इस खबर को सुनकर पूरे जिले में शोक की लहर दौड पडी. हर कोई इस समाचार को सुनकर स्तब्ध हो गया. क्या सत्ता और क्या विपक्ष सभी ने उन्हें भावभीनी श्रदृधांजलि दी.

