भारतीय नारियों की नायिका है सावित्री बाई फुले:चौधरी अमर सिंह


सिद्धार्थनगर सावित्री बाई ने शिक्षा की शुरुआत कर महिलाओं व समाज के कमजोर लोगों को शिक्षा की राह दिखाई। जीवन के तमाम कष्टों को सहते हुए भी शिक्षा कि शुरुआत की और प्रथम महिला शिक्षिका बनीं। उनके योगदान के चलते ही आज महिलाएं शिक्षित एवं जागरूक हो रही हैं।

 उक्त बातें शोहरतगढ़ से अपना दल (एस) के विधायक चौधरी अमर सिंह ने कहा। वह गुरुवार की रात बढ़नी ब्लाक के तुलसियापुर चौराहे पर अपना दल(एस) के तत्वावधान में आयोजित सावित्री बाई फुले की जयन्ती के अवसर पर मौजूद लोगों को संबोधित कर रहेे थे।

उन्होंने कहा कि इन्होंने अपनी शिक्षा शादी होने के बाद शुरू की और प्रथम शिक्षिका बनकर दिखाई। इन्होंने महिलाओं को स्कूल में शिक्षा देना शुरू किया, जिसका कुछ लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन उन्होंने अपने मिशन से मुंह नहीं मोड़ा। उन्होंने समाज सुधारक और महिलाओं के हक के लिए संघर्ष किया। विधवा महिलाओं के सिर मुड़वाने पर रोक लगाया। 


उन्होंने समाज के माध्यम से अनेक स्थानों पर छात्रावास स्कूल खोलने का काम किया। प्लेग रोगियों के लिए दवाखाना खोलकर उपचार किया। इस दौरान विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय मौर्य महासभा के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र मौर्य ने कहा कि सावित्री बाई फूले ने समाज में महिलाओं को शिक्षित करके उनका सम्मान बढ़ाने का काम किया है।उन्होंने मौजूद लोगों से कहा कि जिस तरह हम देवी-देवताओं की तस्वीर अपने घरों में लगाते हैं,उन्हीं तस्वीरों में एक तस्वीर हम सावित्री बाई फूले की भी लगायें।
  
इस दौरान गोरखपुर से आयी भोजपुरी बिरहा गायिका नीलिमा भारती ने "स्वागत अभिनन्दन वन्दन  में मनवा मोर हो गईल" स्वागत गीत प्रस्तुत किया।भोजपुरी बिरहा गायक रामराज मौर्य व जनपद के लोकगायक अनिरुद्ध मौर्य ने मनमोहक गीतों को प्रस्तुत किया।गायकों ने अपने गीतों के माध्यम से सावित्री बाई फूले के जीवन कर भी प्रकाश डाला।
  
इस मौके पर राम उग्रह चौधरी, शिव चन्दर भारती, बबलू यादव, राजीव मौर्य, अताउल्लाह मदनी, रामदास मौर्य, लालजी चौधरी, जितेन्द्र तिवारी, हीरालाल यादव, राजेन्द्र यादव, अनिल अग्रहरि, सगीर चौधरी, सुरेन्द्र चौहान, आरपी मिश्र, धर्मेन्द्र मौर्य, अशोक पासवान, हसमुल्लाह चौधरी, अनिल पासवान, जगदीश साहनी, राम अधीन मौर्य आदि लोग मौजूद थे।

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