विनोद चौधरी शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन परिसर अवारा पशुओ का अड्डा बन गया है। यात्रियों के बीच घूमते जानवर से लोगों में डर रहता है तो दूसरी तरफ स्टेशन परिसर में चारो तरफ गन्दगी फैला हुआ है।
स्टेशन परिसर में अवारा जानवरों का घूमना लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। तो कई स्थानों पर जानवर गोबर आदि करके गंदगी फैला रहे हैं।
शोहरतगढ़ स्टेशन को गायों ने अपना अड्डा बना लिए जो उनके लिए भी समय समय पर खतरनाक साबित हुआ है। अब तक कई गायें ट्रेन से कटकर मर चुकी हैं लेकिन प्रशासन चैन की नींद सो रहा है।
स्टेशन के जिम्मेरदार अफसरों का भी ध्यान इधर नहीं जाता वो इस समस्या से निपटने में नाकाम साबित हुए हैं।
प्रशासन के साथ साथ वो जिम्मेरदार लोग भी चुप हैं जो चुनाव के समय गाय का नाम सबसे पहले लेते हैं जिस गाय को राजनीति में वोट पाने के लिए उपयोग किया गया वो आज ट्रेनों से कटकर मरने पर मजबूर हैं।
आए दिन शोहरतगढ़ में ट्रेन से कटकर गायों की मरने की घटानए हो रही हैं लेकिन इस दिशा में किसी का ध्यान नही जा रहा है।
स्टेशन परिसर में अवारा जानवरों का घूमना लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। तो कई स्थानों पर जानवर गोबर आदि करके गंदगी फैला रहे हैं।
शोहरतगढ़ स्टेशन को गायों ने अपना अड्डा बना लिए जो उनके लिए भी समय समय पर खतरनाक साबित हुआ है। अब तक कई गायें ट्रेन से कटकर मर चुकी हैं लेकिन प्रशासन चैन की नींद सो रहा है।
स्टेशन के जिम्मेरदार अफसरों का भी ध्यान इधर नहीं जाता वो इस समस्या से निपटने में नाकाम साबित हुए हैं।
प्रशासन के साथ साथ वो जिम्मेरदार लोग भी चुप हैं जो चुनाव के समय गाय का नाम सबसे पहले लेते हैं जिस गाय को राजनीति में वोट पाने के लिए उपयोग किया गया वो आज ट्रेनों से कटकर मरने पर मजबूर हैं।
आए दिन शोहरतगढ़ में ट्रेन से कटकर गायों की मरने की घटानए हो रही हैं लेकिन इस दिशा में किसी का ध्यान नही जा रहा है।

