इसरार अब्दुल्लाह मिश्रोलिया।क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय व प्राथमिक विद्यालय मधवापुर कला में तीन हैंडपंप लगने के बावजूद स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों पीने को साफ पानी नही मिल रहा।
विद्यालय में तीन-तीन हैंडपम्प हैं लेकिन एक भी काम का नहीं। एक हैंडपंप जमीन में धंस चुका है, दूसरा वर्षों से खराब पड़ा है और तीसरे को प्रधानाध्यापक ने किसी तरह ठीक करवाया तो उसमें से गंदा पानी निकल रहा है जो पीने योग्य नहीं है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक कुतूबुल्लाह ने बताया कि हैंडपंप काफी दिनों से खराब पड़ा है और पिछले कुछ दिनों पहले मैंने इसकी मरम्मत करवाई थी लेकिन आज कई दिनों से नल गंदा पानी दे रहा है जो पीने योग्य नहीं है।
बच्चों को पानी पीने के लिए बाहर जाना पड़ता है और प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक गुड्डू कुमार ने भी बताया कि बच्चों को पानी पीने के लिए विद्यालय के बाहर जाना पड़ता है। और विद्यालय परिसर में तालाब का पानी बहकर कर आ रहा है। यह बड़ी समस्या बनी हुई है उन्होंने कहा कि विद्यालय के पूरब ओर शौचालय की तरफ से बरसात होते ही पानी बहना शुरू हो जाता है जो विद्यालय परिसर से होकर के खेतों में जाता है।
जिससे पानी से होकर विद्यालय में जाना पड़ता है। कभी-कभी कपड़े भी भीग जाते हैं।उन्होंने कहा कि यहां पर एक नाली बन जाए तो यह समस्या दूर हो सकती है।
विद्यालय में तीन-तीन हैंडपम्प हैं लेकिन एक भी काम का नहीं। एक हैंडपंप जमीन में धंस चुका है, दूसरा वर्षों से खराब पड़ा है और तीसरे को प्रधानाध्यापक ने किसी तरह ठीक करवाया तो उसमें से गंदा पानी निकल रहा है जो पीने योग्य नहीं है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक कुतूबुल्लाह ने बताया कि हैंडपंप काफी दिनों से खराब पड़ा है और पिछले कुछ दिनों पहले मैंने इसकी मरम्मत करवाई थी लेकिन आज कई दिनों से नल गंदा पानी दे रहा है जो पीने योग्य नहीं है।
बच्चों को पानी पीने के लिए बाहर जाना पड़ता है और प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक गुड्डू कुमार ने भी बताया कि बच्चों को पानी पीने के लिए विद्यालय के बाहर जाना पड़ता है। और विद्यालय परिसर में तालाब का पानी बहकर कर आ रहा है। यह बड़ी समस्या बनी हुई है उन्होंने कहा कि विद्यालय के पूरब ओर शौचालय की तरफ से बरसात होते ही पानी बहना शुरू हो जाता है जो विद्यालय परिसर से होकर के खेतों में जाता है।
जिससे पानी से होकर विद्यालय में जाना पड़ता है। कभी-कभी कपड़े भी भीग जाते हैं।उन्होंने कहा कि यहां पर एक नाली बन जाए तो यह समस्या दूर हो सकती है।
मोहर्रम अखाड़ा शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर


