इसरार अहमद सिद्धार्थनगर देश को आज़ाद हुए 72 वर्ष हो गए हैं। इस बीच देश ने कई कीर्तिमान कायम किए हैं। विकास के नए आयाम छुए हैं। बावजूद इसके बांसी तहसील के डुमरियालाला गांव एक सड़क के लिए तरस रहा है।
https://www.youtube.com/channel/UCBlRu4PQ4SHhYzYlQI0InzA
पूर्वांचल खबर के यूट्यूब चैनल से जुड़े
गांव में जाने के लिए मात्र एक ही चकरोड है जो आजादी के इतने वर्षों बाद भी पक्की सड़क में तब्दील नही हो सकी। जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गांव का आवागमन एक ही रास्ते से हैं जो चेतिया पक्की सड़क में आकर मिलता है। ग्रामीणों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क के निर्माण के लिए मिट्टी खोदकर पटरियों पर छोड़ दिया गया था।आगे काम नहीं हुआ।
अब बरसात के मौसम में गांव से निकलना मुश्किल हो गया। पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो चुकी जिससे आवागमन में बड़ी परेशानिया झेलनी पड़ रही हैं।
ग्रामीण कीचड़ से होकर आने जाने के लिए मजबूर हैं लेकिन दो पहिया व चार पहिया वाहनों का आवागमन एकदम बंद है।
मोटरसाइकिल चालक बताते हैं कि जब से बरसात शुरू हुआ है तब से हमारी मोटरसाइकिल हमारे घर पर ही खड़ी रहती है क्योंकि 400 से 500 मीटर सड़क पार करने में बड़ी मशक्कत करना पड़ता है। और वह भी पार करते-करते पूरा कपड़ा कीचड़ से भीग जाता है। जिससे बरसात के दिनों में मिट्टी पर फिसलने की वजह से हम लोग वाहनों का प्रयोग नहीं करते हैं।
ग्रामीण संजय चौरसिया, सुखराम चौरसिया, मोलहू, चंद्रिका, गंगाराम, मिट्ठू, मोहित, रंजय चौरसिया आदि लोगों ने प्रशासन से जल्द ही सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।
https://www.youtube.com/channel/UCBlRu4PQ4SHhYzYlQI0InzA
पूर्वांचल खबर के यूट्यूब चैनल से जुड़े
गांव में जाने के लिए मात्र एक ही चकरोड है जो आजादी के इतने वर्षों बाद भी पक्की सड़क में तब्दील नही हो सकी। जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गांव का आवागमन एक ही रास्ते से हैं जो चेतिया पक्की सड़क में आकर मिलता है। ग्रामीणों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क के निर्माण के लिए मिट्टी खोदकर पटरियों पर छोड़ दिया गया था।आगे काम नहीं हुआ।
अब बरसात के मौसम में गांव से निकलना मुश्किल हो गया। पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो चुकी जिससे आवागमन में बड़ी परेशानिया झेलनी पड़ रही हैं।
ग्रामीण कीचड़ से होकर आने जाने के लिए मजबूर हैं लेकिन दो पहिया व चार पहिया वाहनों का आवागमन एकदम बंद है।
मोटरसाइकिल चालक बताते हैं कि जब से बरसात शुरू हुआ है तब से हमारी मोटरसाइकिल हमारे घर पर ही खड़ी रहती है क्योंकि 400 से 500 मीटर सड़क पार करने में बड़ी मशक्कत करना पड़ता है। और वह भी पार करते-करते पूरा कपड़ा कीचड़ से भीग जाता है। जिससे बरसात के दिनों में मिट्टी पर फिसलने की वजह से हम लोग वाहनों का प्रयोग नहीं करते हैं।
ग्रामीण संजय चौरसिया, सुखराम चौरसिया, मोलहू, चंद्रिका, गंगाराम, मिट्ठू, मोहित, रंजय चौरसिया आदि लोगों ने प्रशासन से जल्द ही सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।

