मोहम्मद आरिफ खान:लोकतंत्र पर जब भीड़तंत्र हावी होने लगे तो उसके दुष्परिणाम दिखने में देर नही लगती। भीड़तंत्र की हिंसा से समाज जख्मी हो रहा है। ऐसे में अगर अब इसे रोकने के लिए आवाज न उठाई गई तो कल आप भी इस तंत्र का शिकार बन सकते हैं।
भीड़तंत्र के हिंसा का ताजा मामला है सिद्धार्थनगर के भावानीगंज थाना अंतर्गत एक गांव का जहाँ 30 वर्षीय अजय पर हमला इसलिए हुआ क्योंकि भीड़ को शक था कि उसका गांव के एक महिला के साथ अवैध प्रेम सम्बन्ध है।
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https://www.youtube.com/channel/UCBlRu4PQ4SHhYzYlQI0InzA
घटना बुधवार रात की है जब युवक गांव में गया तो भीड़ ने गांव की एक महिला के साथ अवैध संबंध के शक में युवक को पकड़कर रस्से में बांधकर घुमाया। उसके कपड़े फाड़ दिए गए फिर बिजली के खंभे में बांधकर भीड़ ने उसे बेरहमी से पीटा। इस पूरे घटना के दौरान पुलिस वहाँ मौजूद रही।
ये पूरा घटनाक्रम पुलिस के आँखों के सामने हुआ। अर्धनग्न युवक भीड़ से चेहरा छुपाता रहा और लोग उसे बिजली के खंभे से बांधकर पीटते रहे। एक चार वर्षीय मासूम बच्चे की मां भीड़ के आगे गिड़गिड़ाती रही और भीड़ उसकी पिटाई में जुटी रही।
बुरी तरह पीट कर जब भीड़ ने युवक को छोड़ा तो सिद्धार्थनगर पुलिस के बहादुर जवान युवक को अस्पताल लेकर पहुँचे। इलाज करवाया फिर भीड़तंत्र का शिकार हुए युवक का धारा 151 में चालान कर दिया।
कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोई भी नागरिक अपने आप में क़ानून नहीं बन सकता है। लोकतंत्र में भीड़तंत्र की इजाज़त नहीं दी जा सकती.' सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को सख्त आदेश दिया था कि वो संविधान के मुताबिक काम करें. लेकिन यहां तो पुलिस की मौजूदगी में ही लीचिंग की घटनाएं हो रही हैं। पुलिस सबकुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बनी हुई है।
एक पल के लिए मान भी लिया जाए कि वह दोनों गलत थे, पर उन्हें कानून व्यवस्था हाथ में लेने की आजादी किसने दी थी। यहां कानून व्यवस्था से जुड़े सभी फैसले यदि ग्रामीण ही करेंगे तो भवानीगंज थाने में पुलिस की आवश्यकता क्या है?
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया गया और उसे यूट्यूब पर वायरल कर दिया गया। वायरल वीडियो में पुलिस की मौजूदगी भी दिखी और भीड़तंत्र के आरोपी भी लेकिन पुलिस अभी विचार करने में जुटी है कि यह अपराध के श्रेणी में आता है कि नही।
इतना सबकुछ होने के बाद भावानीगंज पुलिस ने उल्टे पीड़ित युवक का धारा 151 में चालान कर दिया।
भीड़तंत्र के हिंसा का ताजा मामला है सिद्धार्थनगर के भावानीगंज थाना अंतर्गत एक गांव का जहाँ 30 वर्षीय अजय पर हमला इसलिए हुआ क्योंकि भीड़ को शक था कि उसका गांव के एक महिला के साथ अवैध प्रेम सम्बन्ध है।
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घटना बुधवार रात की है जब युवक गांव में गया तो भीड़ ने गांव की एक महिला के साथ अवैध संबंध के शक में युवक को पकड़कर रस्से में बांधकर घुमाया। उसके कपड़े फाड़ दिए गए फिर बिजली के खंभे में बांधकर भीड़ ने उसे बेरहमी से पीटा। इस पूरे घटना के दौरान पुलिस वहाँ मौजूद रही।
ये पूरा घटनाक्रम पुलिस के आँखों के सामने हुआ। अर्धनग्न युवक भीड़ से चेहरा छुपाता रहा और लोग उसे बिजली के खंभे से बांधकर पीटते रहे। एक चार वर्षीय मासूम बच्चे की मां भीड़ के आगे गिड़गिड़ाती रही और भीड़ उसकी पिटाई में जुटी रही।
बुरी तरह पीट कर जब भीड़ ने युवक को छोड़ा तो सिद्धार्थनगर पुलिस के बहादुर जवान युवक को अस्पताल लेकर पहुँचे। इलाज करवाया फिर भीड़तंत्र का शिकार हुए युवक का धारा 151 में चालान कर दिया।
कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोई भी नागरिक अपने आप में क़ानून नहीं बन सकता है। लोकतंत्र में भीड़तंत्र की इजाज़त नहीं दी जा सकती.' सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को सख्त आदेश दिया था कि वो संविधान के मुताबिक काम करें. लेकिन यहां तो पुलिस की मौजूदगी में ही लीचिंग की घटनाएं हो रही हैं। पुलिस सबकुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बनी हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया गया और उसे यूट्यूब पर वायरल कर दिया गया। वायरल वीडियो में पुलिस की मौजूदगी भी दिखी और भीड़तंत्र के आरोपी भी लेकिन पुलिस अभी विचार करने में जुटी है कि यह अपराध के श्रेणी में आता है कि नही।
इतना सबकुछ होने के बाद भावानीगंज पुलिस ने उल्टे पीड़ित युवक का धारा 151 में चालान कर दिया।

