एनडीटीवी के सीनियर पत्रकार रवीश कुमार की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही जिसमे रवीश कुमार को गाली देते हुए लिखा है ये पाकिस्तान में हड्डिया खाने गए हैं।
सोशल मीडिया पर रवीश कुमार की एक फोटो वायरल कर उन्हें गाली दिया जा रहा है और बताया जा रहा कि रवीश कुमार व उनके साथ तस्वीर में दिख रहे लोग पाकिस्तान में हड्डिया खाने गए है। लेकिन इसकी सच्चाई कुछ और ही है। हम आपको बता दे की यह फोटो पाकिस्तान की नही बल्कि न्यूयार्क की है। लेकिन कुछ लोग रवीश कुमार को बदनाम करने के लिए इस फोटो को पाकिस्तानी बताकर उन्हें गाली दे रहे है।
एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार ने अपने फ़ेसबुक पेज पर यह तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि आई टी सेल वाले झूठ फैला रहे हैं। खुद प्रधानमंत्री पाकिस्तान से होकर आए हैं और न्यूयार्क की हमारी तस्वीर को पाकिस्तान का बता रहे हैं। इन्हें एक अकेले बंदे से इतनी घबराहट है कि पूरा तंत्र लगा है मेरे बारे में झूठ फैलाने में। हद है।
इतनी मेहनत नीरव मोदी पर की होती तो कुछ पैसे मिल जाते। इस तस्वीर में भारतीय विदेश सेवा के अफसर भी हैं। कमल हसन हैं। मैं भी हूं। बरखा तो हैं ही। फेसबुक पर वंदना पटेल के हैंडल से यह तस्वीर जारी हुई है। इनका परिचय लिखा है कि ये सरदार वल्लभ भाई नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालजी, सूरत में काम करती हैं। अगर सरदार पटेल के नाम से चलने वाले संस्थान में वाकई ऐसे लोग बैठे हैं तो क्या किया जा सकता है। उम्मीद है ये प्रोफाइल भी झूठ ही होगी। मूर्खों की कमी नहीं है। इसे हज़ार से अधिक लोगों ने शेयर भी कर लिया है। सरदार को डर किससे लगता है, नाम जानते हो...जानते हो तो कमेंट बाक्स में लिख दो। डर नहीं लगता तो फर्जी बातें फैलाने के लिए सरदार पटेल का नाम बदमान न किया जाता।
सोशल मीडिया पर रवीश कुमार की एक फोटो वायरल कर उन्हें गाली दिया जा रहा है और बताया जा रहा कि रवीश कुमार व उनके साथ तस्वीर में दिख रहे लोग पाकिस्तान में हड्डिया खाने गए है। लेकिन इसकी सच्चाई कुछ और ही है। हम आपको बता दे की यह फोटो पाकिस्तान की नही बल्कि न्यूयार्क की है। लेकिन कुछ लोग रवीश कुमार को बदनाम करने के लिए इस फोटो को पाकिस्तानी बताकर उन्हें गाली दे रहे है।
एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार ने अपने फ़ेसबुक पेज पर यह तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि आई टी सेल वाले झूठ फैला रहे हैं। खुद प्रधानमंत्री पाकिस्तान से होकर आए हैं और न्यूयार्क की हमारी तस्वीर को पाकिस्तान का बता रहे हैं। इन्हें एक अकेले बंदे से इतनी घबराहट है कि पूरा तंत्र लगा है मेरे बारे में झूठ फैलाने में। हद है।
इतनी मेहनत नीरव मोदी पर की होती तो कुछ पैसे मिल जाते। इस तस्वीर में भारतीय विदेश सेवा के अफसर भी हैं। कमल हसन हैं। मैं भी हूं। बरखा तो हैं ही। फेसबुक पर वंदना पटेल के हैंडल से यह तस्वीर जारी हुई है। इनका परिचय लिखा है कि ये सरदार वल्लभ भाई नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालजी, सूरत में काम करती हैं। अगर सरदार पटेल के नाम से चलने वाले संस्थान में वाकई ऐसे लोग बैठे हैं तो क्या किया जा सकता है। उम्मीद है ये प्रोफाइल भी झूठ ही होगी। मूर्खों की कमी नहीं है। इसे हज़ार से अधिक लोगों ने शेयर भी कर लिया है। सरदार को डर किससे लगता है, नाम जानते हो...जानते हो तो कमेंट बाक्स में लिख दो। डर नहीं लगता तो फर्जी बातें फैलाने के लिए सरदार पटेल का नाम बदमान न किया जाता।

