कवि सम्मेलन के महान संचालक अनवर जलालपुरी दुनिया में नहीं रहे.अनवर सहाब का इंतेकाल आज सुबह 10 बजे के करीब हो गया. अनवर जलालपुरी लगभग 40 वर्षो तक कवि सम्मेलनों का संचालन किए है. ब्रेन हेमरेज के कारण पिछले 1 सप्ताह से जिंदगी और मौत से लड़ रहे थे. गीता का उर्दू में अनुवाद करके दोनों धर्मों के बीच पुल बनाने का काम किए. अनवर जलालपुरी साहब अपने 4 पीढ़ियों को कवि सम्मेलन अपने संचालन से शायरी पढ़वाया है. राहत इंदौरी से लेकर मुनव्वर हुसैन राना, वसीम बरेलवी, नवाज देवबंदी, इमरान प्रतापगढ़ी बशीर बद्र ने इनकी नदामत में बुलंदियों को छुआ.
अनवर जलालपुरी साहब समाजवादी पार्टी के सरकार ने उन्हें यश भारती उसका से सम्मानित किया गया था. अनवर जलालपुरी साहब उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के छोटे से कस्बे जलालपुर सर निकल कर आए थे. अनवर साहब शुरुआती दौर में तुलनात्मक अध्ययन करने में बहुत दिलचस्पी रही है. पिछले कई दशकों से पूरे हिंदुस्तान और खाड़ी देशों में अपनी संचालन के लिए जाने जाते थे.
