तहसील विधिक सेवा समिति शोहरतगढ़ के तत्वाधान में बढ़नी ब्लाक के रेड़वरिया के प्राथमिक विद्यालय परिसर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन हुआ।शिविर में मौजूद लोगों को जानकारी देते हुए बढ़नी राजस्व निरीक्षक अब्दुल अजीज ने कहा कि विधिक साक्षरता शिविर का उद्देश्य कानून की छोटी-छोटी धाराओं की ग्रामीणों को जानकारी देना है।बिना कानून की जानकारी के अक्सर लोग जालसाजों के चक्कर में पड़कर अपना धन और समय का नुकसान करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण तहसीलों पर जाकर आय-जाति-निवास व अन्य कागजात के लिए चक्कर न लगायें।इसके लिए लोक वाणी केन्द्र पर जाकर आवेदन करे और बीस दिन के अंदर जरुरी कागज आवेदन कर्ता को मिल जाया है।जनहित गारंटी योजना के तहत गलत आय-जाति-निवास के लिए डीएम,एसडीएम के पास शिकायत कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि जिस भी दिन बैनामा होता है उसकी सत्यापित कापी तहसीलदार के पास आ जाती है और तुरन्त मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है। 35 दिन के अंदर आपत्ति की जा सकती है और 35 दिन के बाद खारिज-दाखिल हो जाता है।मुख्यमंत्री सर्वविध योजना के तहत दुर्घटना में मृत सत्तर हजार रुपये वार्षिक आय से कम हो तो उसे पांच लाख रुपये मृतक के परिजनों को मिलता है।
इसके लिए थाने में एफआईआर,पंचायतनामा व लाश की पोस्टमार्टम करवाना आवश्यक है।राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण "नालसा" (कानूनी सेवाओं में वरिष्ठ नागरिकों के लिए) विषय पर भी वक्ताओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त किया।ग्राम पंचायत अधिकारी सुदामा प्रसाद,ग्राम प्रधान प्रतिनिधि इश्तेखार अहमद,लेखपाल ओमप्रकाश,प्रधानाध्यापक कमलेश वर्मा,ध्रुव कुमार सिंह,रोजगार सेवक धर्मेन्द्र चौधरी,अफजल,अनारुल्लाह,अशर्फी मौर्या,अकबर,रामकुमार मौर्य,अब्दुल अजीज,दिनेश,हरिश्चन्द्र,जब्बार,सफीउल्लाह आदि लोग मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण तहसीलों पर जाकर आय-जाति-निवास व अन्य कागजात के लिए चक्कर न लगायें।इसके लिए लोक वाणी केन्द्र पर जाकर आवेदन करे और बीस दिन के अंदर जरुरी कागज आवेदन कर्ता को मिल जाया है।जनहित गारंटी योजना के तहत गलत आय-जाति-निवास के लिए डीएम,एसडीएम के पास शिकायत कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि जिस भी दिन बैनामा होता है उसकी सत्यापित कापी तहसीलदार के पास आ जाती है और तुरन्त मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है। 35 दिन के अंदर आपत्ति की जा सकती है और 35 दिन के बाद खारिज-दाखिल हो जाता है।मुख्यमंत्री सर्वविध योजना के तहत दुर्घटना में मृत सत्तर हजार रुपये वार्षिक आय से कम हो तो उसे पांच लाख रुपये मृतक के परिजनों को मिलता है।
इसके लिए थाने में एफआईआर,पंचायतनामा व लाश की पोस्टमार्टम करवाना आवश्यक है।राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण "नालसा" (कानूनी सेवाओं में वरिष्ठ नागरिकों के लिए) विषय पर भी वक्ताओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त किया।ग्राम पंचायत अधिकारी सुदामा प्रसाद,ग्राम प्रधान प्रतिनिधि इश्तेखार अहमद,लेखपाल ओमप्रकाश,प्रधानाध्यापक कमलेश वर्मा,ध्रुव कुमार सिंह,रोजगार सेवक धर्मेन्द्र चौधरी,अफजल,अनारुल्लाह,अशर्फी मौर्या,अकबर,रामकुमार मौर्य,अब्दुल अजीज,दिनेश,हरिश्चन्द्र,जब्बार,सफीउल्लाह आदि लोग मौजूद थे।

