उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिदिन 250 मौतें मार्ग दुर्घटनाओं में होती हैं और यूपी में लगभग 50 मौतें औसतन रोजाना दुर्घटना से होती है।इन मौतों का कारण नशा,नींद व रफ्तार है।उन्होंने कहा कि हमें चार चीजों स्टाप फार हेल्प,स्टाप फार काल,घायल को सांस देना व दुर्घटना में घायल व्यक्ति के खून के बहाव को रोकने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।जिससे हम किसी के जीवन को बचा सकते हैं।उन्होंने कहा कि हमें सड़क पर लगे संकेतों पर ध्यान देना होगा।हमें वाहन में लगे इण्डीकेटर व रिफ्लेक्टर के उपयोग पर भी ध्यान देना चाहिए।उन्होंने बताया है कि उ0प्र0 मोटरयान नियमावली-1998 के नियम 201 में वर्ष 2016 में किये गये संशोधन के अनुसार मोटर साईकिल, मोपेड, स्कूटर पर चलने वाले दोनों सवारियों के लिये हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने बच्चों को बताया कि अगली सीट पर बैठी सवारी द्वारा सीट बेल्ट धारण किया जाये ,वाहन चलाते समय मोबाईल फोन का प्रयोग न करें ,दो पहिया वाहन चालक तीन सवारी बैठाकर वाहन न चलाये ,शराब एवं नशीले पदार्थ का सेवन करके वाहन न चलाये ,गलत पार्किंग ना करें।उन्होंने कहा विभाग के द्वारा प्रत्येक बुधवार को हेलमेट सीट बेल्ट दिवस के रूप में मनाये जाने व जनता को जागरूक किये जाने का निर्देश किया गया है।संचालन सहायक अध्यापक रवि शुक्ल ने किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य विनय शुक्ल ने आये अतिथियों का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर पं.बाबूरामशुक्ल विद्या मंदिर इण्टर कालेज शुक्लागंज के अतिरिक्त स्वामी विवेकानन्द पब्लिक स्कूल अहिरौला के बच्चों ने भी सहभागिता किया।इस मौके पर विद्यालय के प्रबन्धक युधिष्ठिर शुक्ल,प्रधान प्रतिनिधि मयंक शुक्ल,मो.हारुन,आशाराम यादव,सुनील चौधरी,
विश्वनाथ,रामकिशोर,दुर्गाप्रसाद गुप्ता,विजय सिंह चौधरी,दरोगा चौधरी,श्यामप्रकाश,दीपेन्द्र सिंह,साधना श्रीवास्तवा,सविता शुक्ला,पीताम्बर यादव,आनन्द मिश्र,धनन्जय पाठक,रामनरेश यादव,शैलेन्द्र भारती,सुनील यादव,दीपक,श्रवण शुक्ल आदि लोग मौजूद थे।

