लखनऊ:प्रदेश के बस्ती जिले के एक होनहार छात्र राजीव चौधरी ने पीसीएस के अंतिम परिणाम आने के बाद आत्महत्या कर ली. वह नौकरी नहीं मिलने से काफी परेशान था. राजीव ने सुसाइड नोट में लिखा मैं जिंदगी से परेशान हो गया हूं.
बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के सिली गाँव निवासी सरयू प्रसाद का बेटा राजीव चौधरी 32 अब कभी लौट कर अपने घर नहीं आएगा. राजीव ने नौकरी नहीं मिलने के कारण अपनी जान दे दी.
राजीव प्रयागराज के कर्नलगंज थाना क्षेत्र के एनी बेसेंट मुहल्ले में किराए का कमरें में रहता था. वह नौकरी नहीं मिलने से काफी परेशान था. जिसके चलते 12 सितंबर की शाम राजीव ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.
शनिवार दोपहर तक अन्य छात्रों ने राजीव को पढ़ते हुए देखा था. शाम करीब सात बजे जब कुछ साथी कमरे पर गए तो दरवाजा अंदर से बंद मिला. अवाज लगाने पर भी दरवाजा नहीं खुला तो छात्रों को शक हुआ और उन्होंने रोशनदान से देखा तो कमरें मे राजीव को फांसी के फंदे से लटकता देख उनके होश उड़ गए.
घटना की सूचना पर पुलिस पहुंची. पुलिस ने कमरें की छानबीन की तो उन्हें एक सुसाइड नोट मिला उसमें लिखा था.
पूजनीय पिता जी और मेरी माता जी आप लोग मुझे माफ़ करना मैं आपका अच्छा बेटा नहीं बन पाया. मेरी छोटी बहन भाई आप लोग भी मुझे माफ़ करना मैं आप लोगों का बड़ा भाई नहीं बन पाया.
मेरे प्रिय मित्र मेरा आपसे अंतिम इच्छा है कि आप लोग मेरे परिवार का हमेशा ध्यान रखना.
सूइसाइड नोट के अंत मे लिखा था. मैं आज जो भी कर रहा हूं अपनी इच्छा से कर रहा हूं. मैं अपनी इच्छा से कर रहा हूं. मैं अपनी जिंदगी से बहुत परेशान हो गया हूं.
अतः आप लोग मुझे माफ़ करना.
मौके पर मौजूद छात्रों के बीच यह भी चर्चा रही कि मृतक राजीव ने पीसीएस में चयन न होने पर हताश होकर यह कदम उठाया. चर्चा रही कि उसने पीसीएस की मुख्य परीक्षा पास करने के बाद साक्षात्कार दिया था और अंतिम परिणाम में असफलता मिलने पर बेहद निराश हो गया था. शुक्रवार को अंतिम परिणाम आने के बाद से वह सिर्फ शनिवार दोपहर में एक बार अपने कमरे से बाहर निकलते देखा गया.

